150 मिनट में पूरा होगा 5 घंटे का सफर… अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे…

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150 मिनट में पूरा होगा 5 घंटे का सफर… अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे…
150 मिनट में पूरा होगा 5 घंटे का सफर... अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे यूपी और बिहार

अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे साल के अंत तक शुरू हो जाएगा.

देश में पिछले कुछ सालों से सड़क नेटवर्क का जाल बिछाने का काम तेजी से चल रहा है. राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, एक्सप्रेसवे के निर्माण और ग्रामीण व शहरी कनेक्टिविटी में सुधार पर जोर देने की इस प्रक्रिया में अब बिहार का नाम भी जुड़ गया है. बिहार के अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे का काम जारी है, जो राज्य के लिए एक बहुत ही बड़ी और अहम सड़क परियोजना साबित होगी. यह एक्सप्रेसवे करीब 189 किलोमीटर लंबा होगा और इसे भारतमाला परियोजना के तहत मंजूरी मिली है. इस सड़क का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) करेगा. यह एक आधुनिक, एक्सेस-कंट्रोल्ड और अधिकतर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसमें छह लेन होंगी. अगर काम तय समय पर पूरा हो गया, तो यह एक्सप्रेसवे साल 2026 के अंत तक बनकर तैयार हो सकता है.

इस एक्सप्रेसवे को NH-119D के नाम से भी जाना जाएगा. यह गया जिले के अमास गांव से शुरू होकर दरभंगा जिले के बेला नवादा गांव तक जाएगा. इसके बन जाने के बाद यह इलाका एक बड़े आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा. इससे व्यापार बढ़ेगा, लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और बिहार में सड़क कनेक्टिविटी काफी बेहतर हो जाएगी.

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अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे क्यों है जरूरी?

अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे का मुख्य उद्देश्य उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच की यात्रा को आसान बनाना है. अभी इन दोनों हिस्सों के बीच सफर करने में 5 घंटे से अधिक का समय लगता है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह दूरी 150 मिनट में तय की जा सकेगी. यह सड़क बिहार के बीचों-बीच से होकर गुजरेगी और औरंगाबाद, गया, पटना और दरभंगा जैसे बड़े जिलों को आपस में जोड़ेगी. इससे राज्य के दूर-दराज के इलाकों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी. बता दें कि इस एक्सप्रेसवे को आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के जंगीपुर से बिहार के मांझी तक बन रहे 132 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है. इससे उत्तर प्रदेश से बिहार की कनेक्टिविटी आसान होगी.

शहर के अंदर के ट्रैफिक से बचा जा सकेगा

NHAI के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे में पटना आउटर रिंग रोड के कुछ हिस्से और 9.75 किलोमीटर लंबा कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल (गंगा नदी पर बन रहा पुल) भी शामिल होगा, जो अभी निर्माणाधीन है. इससे शहर के अंदर के ट्रैफिक से बचते हुए लोग आसानी से सफर कर सकेंगे. भविष्य में इस एक्सप्रेसवे को नेपाल सीमा के पास जयनगर तक बढ़ाने की भी योजना है, जिससे भारत और नेपाल के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो चुका है और इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) SA Infrastructure Consultants Pvt. Ltd. ने तैयार की है.

अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे का रूट

यह एक्सप्रेसवे औरंगाबाद जिले के अमास से शुरू होगा, जो दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग NH-19 पर स्थित है. वहां से यह बिहार के सात जिलों से होकर गुजरेगा और अंत में दरभंगा जिले के बेला नवादा गांव में खत्म होगा, जहां यह NH-27 से जुड़ेगा. इस रूट की वजह से बिहार के कई इलाकों को पहली बार तेज और सीधी सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी.

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एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी कैसे बेहतर होगी

यह एक्सप्रेसवे करीब 189 किलोमीटर लंबा होगा और बिहार के उत्तर-दक्षिण हिस्से को जोड़ने वाला एक आसान और तेज सड़क मार्ग होगा. अमास से शुरू होकर यह दिल्ली-कोलकाता NH-19 से जुड़ेगा और दरभंगा में NH-27 से मिल जाएगा. पटना आउटर रिंग रोड और कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल के हिस्से शामिल होने से शहर के अंदर के जाम से बचा जा सकेगा. इससे समय और पेट्रोल दोनों की बचत होगी. भविष्य में इसे नेपाल सीमा के पास जयनगर से जोड़ने की योजना है, जिससे सीमा पार व्यापार को बढ़ावा मिलेगा.

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एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में बड़ा फायदा

  • इस एक्सप्रेसवे के बनने से बिहार के तीन बड़े एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान होगा.
  • दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचना तेज और सुविधाजनक होगी, इससे समय भी कम लगेगा.
  • पटना एयरपोर्ट तक बिना शहर के भीड़भाड़ वाले रास्तों में फंसे पहुंचा जा सकेगा.
  • एक्सप्रेसवे से गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी.

अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे का रियल एस्टेट पर असर

यह एक्सप्रेसवे बिहार के कई जिलों से होकर गुजरेगा, जिनमें जहानाबाद, अरवल, पटना, वैशाली और समस्तीपुर शामिल हैं. सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने से इन इलाकों में आवाजाही बढ़ेगी और रियल एस्टेट गतिविधियां भी तेज होंगी. जहां-जहां यह एक्सप्रेसवे जाएगा, वहां जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. एक्सप्रेसवे के पास नए रिहायशी प्रोजेक्ट, प्लॉट और घर बनने की संभावना है. इसके साथ-साथ दुकानों, ऑफिस स्पेस और अन्य कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग भी बढ़ेगी. बेहतर सड़क और कम यात्रा समय की वजह से इन इलाकों में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

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अमास-दरभंगा हाईवे के बड़े फायदे

  1. 189 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बिहार के आर्थिक विकास को तेज करेगा.
  2. एक्सप्रेसवे औरंगाबाद, गया, पटना और दरभंगा के बाहरी इलाकों को जोड़ेगा.
  3. इससे 15 से ज्यादा गांव सीधे जुड़ेंगे, जिससे इन गांवों का तेजी से विकास होगा.
  4. 6 लेन की सड़क से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यात्रा आरामदायक होगी.
  5. एक्सप्रेसवे और बेहतर सड़क सुविधा से बिहार में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
  6. एक्सप्रेसवे से कम समय में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे.
  7. एक्सप्रेसवे के आसपास की जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी होगी.

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