अंबिकापुर प्रधान डाकघर में 35 लाख का फर्जीवाड़ा… FD मैच्योरिटी का पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर, पोस्ट मास्टर समेत 3 निलंबित
अंबिकापुर में पोस्ट मास्टर समेत 3 निलंबितHighLights
- अंबिकापुर प्रधान डाकघर में 35 लाख का फर्जीवाड़ा उजागर
- FD की समयपूर्णता राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाली
- जांच के बाद पोस्ट मास्टर समेत 3 कर्मचारियों को किया निलंबित
, अंबिकापुर। फिक्स्ड डिपॉजिट आप करें और समयपूर्णता पर आपकी गाढ़ी कमाई किसी और के खाते में चली जाए, यह लापरवाही और वित्तीय अनियमितता है। अंबिकापुर प्रधान डाकघर ने कुछ ऐसा ही कारनामा किया है। यहां सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) में करीब 35 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का राजफाश हुआ है।
मामले में पोस्ट मास्टर समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और प्राथमिकी की तैयारी चल रही है। प्रबंधन की ओर से बताया गया कि संपूर्ण राशि जमाकर्ताओं को वापस मिलेगी।
बलरामपुर के खाताधारक की शिकायत पर हुआ खुलासा
फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब बलरामपुर जिले के खाताधारक सिराजुल हक ने अगस्त माह में शिकायत की कि उनकी एफडी की समयपूर्णता के बाद भी राशि उनके खाते में नहीं आई। नियमानुसार समयपूर्णता के बाद राशि जमाकर्ता के बचत खाते में जमा होनी चाहिए।
शिकायत के बाद सहायक अधीक्षक अजय सिंह चौहान ने जांच कराई तो बड़ा खेल सामने आया। जांच में पता चला कि करीब 15 खातेदारों की एफडी की समयपूर्णता के बाद राशि उनके खातों में भेजने के बजाय अलग-अलग दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाल ली गई। मार्च 2026 से अब तक कुल 35 लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी की गई है। विभाग अब अन्य समयपूर्णता वाले खातों की भी जांच कर रहा है।
पोस्ट मास्टर, सुपरवाइजर और डाटा एंट्री ऑपरेटर निलंबित
समयपूर्णता के बाद राशि को बचत खाते में भेजने की प्रक्रिया प्रधान डाकघर के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर से होती है। इसमें डाटा एंट्री ऑपरेटर, सुपरवाइजर और पोस्ट मास्टर की भूमिका होती है। प्रारंभिक जांच में डाटा एंट्री ऑपरेटर रामजी लाल मीना की मुख्य भूमिका सामने आई है। इसके साथ ही इंश्योरेंस का काम देखने वाली सुपरवाइजर श्वेता श्रीवास्तव और पोस्ट मास्टर मनोज पांडेय की लापरवाही भी उजागर हुई है। तीनों को निलंबित कर दिया गया है।
सहायक अधीक्षक अजय सिंह चौहान ने बताया कि विभागीय जांच जारी है, जिन खातों में राशि ट्रांसफर की गई है उनकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद प्राथमिकी कराई जाएगी। प्रभावित जमाकर्ताओं को रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
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