फिनलैंड का एजुकेशन सिस्टम है दुनिया में नम्बर 1, जानें यहां टीचर बनने के लिए…

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फिनलैंड का एजुकेशन सिस्टम है दुनिया में नम्बर 1, जानें यहां टीचर बनने के लिए…
फिनलैंड का एजुकेशन सिस्टम है दुनिया में नम्बर 1, जानें यहां टीचर बनने के लिए कौनसा है एग्जाम

सांकेतिक फोटो

दुनिया में जब बेहतरीन शिक्षा व्यवस्था की बात होती है तो यूरोप का छोटा सा देश फिनलैंड सबसे ऊपर गिना जाता है. यहां की पढ़ाई का तरीका पारंपरिक रटने और ज्यादा परीक्षाओं पर आधारित नहीं है, बल्कि बच्चों की समझ, जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ाने पर जोर देता है. इस देश में शिक्षकों को खास दर्जा दिया जाता है और उन्हें पढ़ाने की पूरी स्वतंत्रता मिलती है. यही वजह है कि यहां का एजुकेशन मॉडल दुनियाभर में मिसाल माना जाता है. आइये जानते हैं फिनलैंड का एजुकेशन सिस्टम क्यों है खास.

फिनलैंड की शिक्षा व्यवस्था बच्चों को केंद्र में रखकर बनाई गई है. यहां पढ़ाई का उद्देश्य सिर्फ नंबर लाना नहीं, बल्कि समझ विकसित करना है. हर छात्र की जरूरत और क्षमता को ध्यान में रखकर पढ़ाया जाता है. स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी स्तर तक सीखने का माहौल सहयोगी और दबाव मुक्त रखा जाता है.

परीक्षा और ग्रेड से ज्यादा सीखने पर जोर

यहां बार-बार टेस्ट और रैंकिंग की होड़ नहीं लगती. छात्रों को तुलना के बजाय प्रोत्साहन दिया जाता है. फीडबैक के जरिए बताया जाता है कि वो कहां बेहतर कर सकते हैं. इससे बच्चों में डर नहीं बल्कि सीखने की इच्छा बढ़ती है.

टिचर बनने के लिए जरूरी योग्यता

फिनलैंड में टीचर बनना आसान नहीं है. अधिकतर शिक्षकों के पास संबंधित विषय में मास्टर डिग्री होना जरूरी है. प्राथमिक स्तर के शिक्षकों को भी मास्टर डिग्री करनी पड़ती है. शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में एडमिशन के लिए विश्वविद्यालय स्तर की कठिन प्रवेश प्रक्रिया से गुजरना होता है.

कोई एक नेशनल एग्जाम नहीं

यहां टीचर बनने के लिए कोई एक राष्ट्रीय परीक्षा नहीं होती. यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर एंट्रेंस एग्जाम लेती हैं. लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू और एप्टीट्यूड टेस्ट होता है, जिसमें उम्मीदवार की सोच, व्यवहार और पढ़ाने की प्रेरणा को परखा जाता है.

भाषा और ट्रेनिंग भी अनिवार्य

अधिकांश स्कूलों में पढ़ाई फिनिश या स्वीडिश भाषा में होती है, इसलिए इन भाषाओं में अच्छी पकड़ जरूरी है. शिक्षक प्रशिक्षण के दौरान गाइडेड टीचिंग प्रैक्टिस करवाई जाती है, जिससे उम्मीदवार को वास्तविक क्लासरूम अनुभव मिलता है.

शिक्षकों को मिलती है पढ़ाने की आजादी

नेशनल करिकुलम जरूर होता है, लेकिन शिक्षक तय करते हैं कि विषय को कैसे पढ़ाना है. वो छात्रों की जरूरत के हिसाब से तरीका बदल सकते हैं. यही लचीलापन फिनलैंड की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाता है.

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