‘बांके बिहारी को जंजीर में जकड़ा’, गोस्वामी समाज का हंगामा, बोले- कंस के रा… – भारत संपर्क
वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में बुधवार को हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. हाई पावर कमेटी ने बांके बिहारी महाराज को गर्भगृह से जगमोहन में विराजमान करने को लेकर आदेश दे दिया. आदेश के बाद राजभोग सेवक ने उसका पालन किया और बांके बिहारी महाराज को जगमोहन में विराजमान कराकर भक्तों को दर्शन कराए.
हंगामा तब खड़ा हुआ, जब दोपहर के समय हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष और रिटायर जज अशोक कुमार बांके बिहारी मंदिर पहुंचे. यहां उनकी शयनभोग सेवायत गोस्वामी और अन्य गोस्वामियों के साथ चर्चा हुई.
इस दौरान शयनभोग सेवायत बांके बिहारी महाराज को जगमोहन में विराजमान करने के पक्ष में नहीं थे. बैठक खत्म होने के बाद सभी गोस्वामी समाज एकत्रित होकर जगमोहन पहुंचे, जहां कई खामियां देखने को मिलीं और हंगामा खड़ा हो गया.
बांके बिहारी महाराज को जंजीर से बांधा
जब गोस्वामी समाज जगमोहन पर पहुंचा, तो उन्होंने गर्भगृह के गेट पर बंद जंजीर को लेकर आपत्ति जताई. उनका कहना था कि यह कैसी परंपरा है? आज तक मंदिर के गेट पर जंजीर नहीं बांधी गई. बांके बिहारी महाराज को जंजीर से बांधकर बंद कर दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि हाई पावर कमेटी अपना कार्य ठीक से नहीं कर रही है.
सभी गोस्वामी समाज ने एकत्रित होकर कहा कि वे बांके बिहारी महाराज को जगमोहन में विराजमान नहीं करेंगे, क्योंकि यह परंपरा के विपरीत है. उनका कहना था कि बांके बिहारी महाराज केवल विशेष त्योहारों पर ही जगमोहन में विराजमान होते हैं. हाई पावर कमेटी को यह अधिकार नहीं है कि वह बांके बिहारी महाराज को रोजाना जगमोहन में विराजमान करने का आदेश दे.
गर्भगृह के गेट पर लगा रहा ताला
इसके बाद लगभग तीन घंटे तक गर्भगृह के गेट पर ताला लगा रहा. मंदिर खुलने का समय शाम 4:30 बजे था. बड़ा सवाल यह था कि यदि ताला नहीं खुला तो भक्तों को दर्शन कैसे होंगे.
समय बीतने के साथ ही भक्त मंदिर पहुंचने लगे. जब उन्होंने गर्भगृह पर ताला लगा देखा, तो जमकर नारेबाजी की और योगी सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए. कुछ भक्तों ने यह भी कहा कि ठाकुर बांके बिहारी महाराज को रिहा करो. उनका कहना था कि महाराज को जंजीर में बांधकर रखना गलत है, बांधना है तो हमें बांध दो.
इसके बाद हाई पावर कमेटी को गोस्वामी समाज के आगे झुकना पड़ा और मंदिर खुलने से लगभग आधा घंटे पहले गर्भगृह पर लगाया गया ताला खोल दिया गया. इसके बाद सभी गोस्वामी और भक्त संतुष्ट दिखाई दिए.
वहीं गोस्वामी समाज ने कहा कि वे अपने ठाकुर को जगमोहन में विराजमान नहीं करेंगे. उनका आरोप है कि जो गोस्वामी जगमोहन में विराजमान कर रहे हैं, वे हाई पावर कमेटी के सदस्य हैं, जिनका नाम वर्धन गोस्वामी है.
