अंबिकापुर में निवेश के नाम पर महिला लेक्चरर से 55 लाख की ठगी: स्काउट-गाइड अधिकारी समेत 5 लोगों पर FIR
अंबिकापुर में निवेश के नाम पर महिला लेक्चरर से 55 लाख की ठगी ( AI )HighLights
- सैलरी स्लिप से 46 लाख लोन लेकर कराया था निवेश
- कई अन्य शिक्षक भी ठगी के शिकार, एक ने की शिकायत
- स्काउट अधिकारी योगेश विश्वकर्मा समेत 5 पर FIR दर्ज
, अंबिकापुर। एएसए व्यापारिक कंपनी में निवेश से अच्छे लाभ का झांसा देकर शहर की महिला व्याख्याता से 55 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। कोतवाली पुलिस ने जिला स्काउट-गाइड अधिकारी, व्याख्याता समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
झांसा देकर दिलाया 46 लाख का लोन
कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंबिकापुर में पदस्थ व्याख्याता निर्मला मिंज ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनके विद्यालय की ही व्याख्याता संगीता राय तिर्की ने वर्ष 2023 में एएसए व्यापारिक कंपनी में धन निवेश करने पर अच्छा लाभ मिलने की जानकारी दी।
संगीता राय तिर्की ने स्काउट-गाइड के जिला अधिकारी योगेश विश्वकर्मा से उनकी मुलाकात कराई। योगेश विश्वकर्मा ने कंपनी में धन निवेश के फायदे बताए। यह भी बताया कि विभागीय वेतन पर्ची के माध्यम से बैंकों से आसानी से लोन मिल जाएगा। लोन की किस्त हर माह व्यापारिक कंपनी की तरफ से जमा की जाएगी। लाभ की राशि भी हर माह निवेशक को दी जाएगी।
हर महीने 40 हजार मुनाफे का वादा
झांसे में लेकर निर्मला मिंज से कई बैंकों से 46 लाख 12 हजार रुपये लोन लेकर कंपनी में निवेश कराया गया। बताया गया था कि बैंक लोन की किस्त कंपनी की ओर से जमा की जाएगी। हर माह लाभ में करीब 40 हजार रुपये उन्हें मिलेंगे।
धन निवेश के बाद निर्मला मिंज समझती रहीं कि कंपनी की ओर से किस्त जमा की जा रही है। करीब डेढ़ साल बाद बैंकों से किस्त जमा करने का नोटिस मिला, तब उन्हें नौ लाख 27 हजार रुपये की किस्त खुद जमा करनी पड़ी।
कंपनी पर पहले से दर्ज है केस
किस्त जमा नहीं होने को लेकर योगेश विश्वकर्मा सहित अन्य व्याख्याताओं से जानकारी ली तो पता चला कि व्यापारिक कंपनी पर केस दर्ज हो गया है। इससे रकम मिलने में समय लगेगा। निर्मला मिंज ने कुल 55 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच के बाद योगेश विश्वकर्मा, अरुण कुशवाहा, आकाश सिंह, शशिकांत सिंह, व्याख्याता संगीता राय तिर्की के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। बताया गया है कि एएसए कंपनी में निवेश के नाम पर कई शिक्षक ठगी के शिकार हुए हैं। फिलहाल एक ही व्याख्याता ने शिकायत दर्ज कराई है।
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