दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन बनी भिलाई स्टील प्लांट की जीवनरेखा: 1735 करोड़ के प्रोजेक्ट से होगा कायाकल्प
दल्लीराजहरा रावघाट रेल लाइन बीएसपी की जीवनरेखा सेल ने 1735 करोड़ का किया निवेश HighLights
- रावघाट का लौह अयस्क बनेगा दीर्घकालिक कच्चा माल
- दल्लीराजहरा की पुरानी खदानों में गुणवत्ता की चुनौती बढ़ी
- 2022 में शुरू हुई थी दल्लीराजहरा-ताड़ोकी यात्री रेल सेवा
, भिलाई। दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के लिए यात्री सुविधा से कहीं अधिक भविष्य के लौह अयस्क की आपूर्ति सुरक्षित करने वाली रणनीतिक परियोजना है। करीब 95 किमी लंबी रेल लाइन के निर्माण में सेल अब तक लगभग 1,735 करोड़ रुपये निवेश कर चुका है।
पुरानी खदानों में घट रही गुणवत्ता
दल्लीराजहरा की पुरानी खदानों में अयस्क भंडार और गुणवत्ता की चुनौती बढ़ने के बीच रावघाट के लौह अयस्क संसाधन बीएसपी के लिए दीर्घकालिक कच्चे माल का आधार बन सकते हैं। माओवाद के खत्म होते प्रभाव क्षेत्र में इस रेल परियोजना का आगे बढ़ना क्षेत्र के लिए भी बड़ा बदलाव है।
बीएसपी विस्तार के लिए जरूरी कच्चा माल
रावघाट तक रेल पहुंचने से अयस्क की ढुलाई सुगम होगी और बीएसपी के विस्तारीकरण के साथ बढ़ने वाली कच्चे माल की जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी। वर्ष 2022 में दल्लीराजहरा-ताड़ोकी यात्री रेल सेवा शुरू होने के बाद अब रावघाट तक विस्तार से क्षेत्रीय संपर्क भी मजबूत होगा। इस लिहाज से रावघाट रेल लाइन बीएसपी के उत्पादन, विस्तार और भविष्य के कच्चे माल की सुरक्षा के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है।
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