रायपुर में OPS के लिए बिजली कर्मचारियों की महारैली, मांग पूरी नहीं हुई तो 18 नवंबर को सामूहिक अवकाश की चेतावनी
रायपुर में बिजली कर्मचारियों का OPS के लिए शक्ति प्रदर्शन (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)HighLights
- 12 संगठनों की महारैली में हजारों कर्मचारी हुए शामिल
- बोले- 2023 में सहमति मिली, 3 साल से आदेश लंबित
- अब आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए, गूंजे नारे
राज्य ब्यूरो, , रायपुर। बिजली कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को राजधानी रायपुर में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन अधिकार मंच के नेतृत्व में 12 संगठनों की महारैली और आमसभा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर से हजारों अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पावर कंपनी प्रबंधन से दो टूक कहा कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन लागू करने का अंतिम लिखित आदेश चाहिए।
आश्वासन नहीं, अब आदेश चाहिए
महारैली के दौरान `पुरानी पेंशन हमारा अधिकार है- लेकर रहेंगे` और `आश्वासन नहीं, अब आदेश चाहिए` जैसे नारे गूंजते रहे। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि विद्युतकर्मी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात सेवाएं देते हैं, इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा उनका अधिकार है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार अपने हक के लिए आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
2023 की सहमति का दिया हवाला
अभियंता संघ के महासचिव मनोज वर्मा समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि 6 अक्टूबर 2023 को ऊर्जा विभाग ने विद्युत कंपनियों में पुरानी पेंशन लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति दी थी। लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है। लगातार बैठकों और मिले आश्वासनों के बावजूद निर्णय लंबित रहने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
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18 नवंबर को मास अवकाश का अल्टीमेटम
मंच ने सरकार से मांग की है कि सैद्धांतिक सहमति को तत्काल अंतिम आदेश में बदला जाए और योजना को लागू करने के लिए समयबद्ध निर्णय लिया जाए। महारैली में आंदोलन के अगले चरण का भी ऐलान किया गया। मंच ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पुरानी पेंशन लागू करने का ठोस आदेश जारी नहीं हुआ, तो 18 नवंबर 2026 को 12 संगठनों से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारी सामूहिक मास अवकाश पर रहेंगे। इसके बाद आंदोलन को और व्यापक और चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा।
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