छत्तीसगढ़ में 30 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता अटकी, 23 अक्टूबर तक मिला रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम
30 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता अटकी, फोटो-एआई जनरेटेडHighLights
- नर्सिंग कॉलेजों के लिए मान्यता बनी चुनौती
- 30 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता अभी अटकी
- 23 अक्टूबर तक रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम
, रायपुर। प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में मान्यता को लेकर इस बार स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) के निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण प्रदेश के 30 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता अटक गई है। इनमें 17 संस्थानों के उपयुक्तता नवीनीकरण के आवेदन निरस्त किए गए हैं, जबकि 13 कॉलेजों ने मान्यता के लिए आवेदन ही नहीं किया।
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (सीजीएनआरसी) ने दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद 17 अक्टूबर को 122 कॉलेजों की अंतिम सूची जारी की है, जिन्हें नर्सिंग काउंसलिंग के लिए पात्र माना गया है। मान्यता संबंधी प्रक्रिया में देरी के कारण प्रवेश और काउंसलिंग की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक बढ़ाई गई है।
अब मान्यता से वंचित संस्थानों को 23 अक्टूबर तक कमियां दूर कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने पर संबंधित कॉलेज इस सत्र में मान्यता गंवा सकते हैं। ऐसे में तय समयसीमा के भीतर काउंसलिंग पूरी करना भी चुनौती बना हुआ है।
23 अक्टूबर तक देना होगा अनुपालन का ब्योरा
आईएनसी ने जिन 17 नर्सिंग कॉलेजों के उपयुक्तता नवीनीकरण के आवेदन निरस्त किए हैं, उन्हें कमियां दूर करने का अंतिम अवसर दिया है। परिषद ने सभी संबंधित संस्थानों को 23 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का ब्योरा देना होगा।
तय समय सीमा में संतोषजनक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने वाले संस्थानों की इस सत्र के लिए मान्यता समाप्त मानी जाएगी। हालांकि, कॉलेजों के पास प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय सीमित है। नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश और काउंसलिंग की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित है। ऐसे में मान्यता संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के साथ समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करना संस्थानों के लिए बड़ी चुनौती है।
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फैकल्टी से लेकर अस्पताल के दस्तावेजों तक मिली खामियां
आईएनसी की जांच में नर्सिंग कॉलेजों के दस्तावेजों और व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आई हैं। नियमों के अनुसार एक शिक्षक पर 10 विद्यार्थियों का अनुपात जरूरी है, लेकिन कुछ संस्थानों में नर्सिंग शिक्षकों और ट्यूटर्स की कमी मिली। संबद्ध अस्पतालों से चालू सत्र के क्लिनिकल अनुमति पत्र और पिछले सत्र की शुल्क रसीदें भी प्रस्तुत नहीं की गई थीं।
इसके अलावा नेशनल रोल फार नर्सेस (एनआरटीएस) पोर्टल पर शिक्षकों का पंजीयन और प्रवेशित विद्यार्थियों का विवरण अधूरा पाया गया।
कुछ संस्थानों में एक वर्ष से कम अनुभव वाले शिक्षकों की नियुक्ति तथा भवन के प्रापर्टी टैक्स भुगतान की रसीदें उपलब्ध नहीं होने जैसी कमियां भी सामने आईं। इन्हीं खामियों के चलते मान्यता नवीनीकरण प्रभावित हुआ है।
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