बस्तर दशहरा की 618 साल पुरानी परंपरा, दंतेवाड़ा से जगदलपुर के लिए निकली मां दंतेश्वरी की डोली, दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
Bastar Dussehra: 618 साल पुरानी परंपरा निभी, दंतेवाड़ा से रवाना हुई डोली (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)HighLights
- जिया परिवार ने कंधे पर उठाई मां दंतेश्वरी की डोली
- डंकिनी पुल तक दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
- तीन महीने बाद बस्तर लौटे विधायक किरण देव
, जगदलपुर। विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा के लिए मां दंतेश्वरी की पावन डोली और छत्र रविवार को अष्टमी के दिन दंतेवाड़ा स्थित मंदिर से जगदलपुर के लिए रवाना हुई। इस 618 साल पुरानी परंपरा के निर्वहन के साथ ही बस्तर में दशहरा पर्व का मुख्य चरण शुरू हो गया है।
दंतेवाड़ा से रवाना हुई मां की डोली
जिया परिवार और पुजारियों ने मां दंतेश्वरी की डोली को कंधे पर उठाया। डोली के दर्शन के लिए दंतेवाड़ा के डंकिनी पुल तक श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़क के दोनों किनारों पर खड़े होकर जयकारे लगाते दिखे।
पूजा-अर्चना के बाद डोली को विशेष वाहन से जगदलपुर के लिए रवाना किया गया। 80 किलोमीटर की दूरी तय कर डोली सोमवार सुबह जगदलपुर के जिया डेरा पहुंचेगी, जहां उसका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद डोली बस्तर दशहरे की सभी रस्मों में शामिल होगी।
फूल रथ का पहिया टूटने से हंगामा
इधर बस्तर दशहरे के दौरान फूल रथ परिक्रमा में रविवार को व्यवधान आ गया। परिक्रमा के दौरान रथ का एक पहिया और ढांचे की मुख्य लकड़ी टूट गई, जिससे परिक्रमा शुरू होने में देरी हुई। काफी प्रयास के बाद भी पहिया जोड़ा नहीं जा सका। इस पर प्रशासन ने जेसीबी की मदद से रथ को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
प्रशासन के इस कदम से आस्था के साथ रथ खींचने आए ग्रामीण नाराज हो गए और विरोध करने लगे। सीरहासार चौक में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विवाद बढ़ गया। इसी बीच भीड़ के बीच ट्रैफिक डीएसपी अचानक गिर पड़े। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
बस्तर दशहरा में शामिल हुए विधायक किरण देव
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव भी मां दंतेश्वरी के दर्शन के बाद जगदलपुर पहुंचे और ऐतिहासिक रथ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने क्षेत्रवासियों को नवरात्रि और विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। मावली मंदिर परिसर में दशहरा समिति के सदस्यों, बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज के प्रतिनिधियों, पुजारी और मांझी-चालकी ने उनका स्वागत किया।
इस दौरान उन्होंने अपने बड़े भाई कुमार जयदेव के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। स्वास्थ्य लाभ के बाद लगभग तीन महीने बाद क्षेत्र में लौटे किरण देव ने कहा कि बड़ों के आशीर्वाद और लोगों की दुआओं से वे स्वस्थ होकर वापस लौटे हैं और मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से फिर से जनता की सेवा करेंगे।
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