बिलासपुर में राशन दुकान संचालकों को 11 रुपये की बढ़ोतरी मंजूर नहीं, विक्रेता संघ बोला- ₹250 कमीशन की मांग पर सरकार ने थमाया झुनझुना

राशन डीलरों का कुल मार्जिन 111 रुपये प्रति क्विंटल
HighLights
- विक्रेता संघ 250 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मांग रहा
- झारखंड में डीलरों को 150 रुपये प्रति क्विंटल मिलता
- बढ़ते संचालन खर्च से दुकानदार आर्थिक दबाव में हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उचित मूल्य दुकान संचालकों की मार्जिन राशि में की गई बढ़ोतरी को विक्रेता संघ ने नाकाफी बताया है।
खाद्य संचालनालय के आदेश के मुताबिक अब डीलरों को 100 रुपये प्रति क्विंटल मूल कमीशन के साथ ई-पास से बिक्री पर 11 रुपये अतिरिक्त मार्जिन मिलेगा। कुल मार्जिन 111 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। संघ ने 250 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन की मांग के मुकाबले 11 रुपये की वृद्धि को छलावा बताया है।
लंबे समय से कमीशन बढ़ाने की मांग
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकानों के संचालक लंबे समय से कमीशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। शासन ने एक अप्रैल से पुनरीक्षित दरें लागू की हैं। संघ पदाधिकारियों के अनुसार पहले कमीशन 70 रुपये से बढ़ाकर 90 रुपये किया गया था। वर्तमान में केंद्र सरकार 100 रुपये देती है, जबकि राज्य सरकार का अंशदान करीब 30 रुपये प्रति क्विंटल है।
पड़ोसी राज्यों से कम दर
विक्रेताओं का कहना है कि छत्तीसगढ़ में लागू कमीशन देश में सबसे कम दरों में है। झारखंड में डीलरों को 150 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है। वहीं कुछ अन्य राज्यों में यह राशि 200 से 270 रुपये तक है। उत्तर प्रदेश में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालकों को मानदेय दिया जाता है।
बढ़ते खर्च से आर्थिक दबाव
राशन दुकानदारों के मुताबिक किराया, बिजली बिल, तौल, हम्माली और इंटरनेट सहित संचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि 111 रुपये का मार्जिन इन खर्चों के मुकाबले पर्याप्त नहीं है। संघ ने मांग की है कि कमीशन 250 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए, ताकि दुकानों का संचालन आर्थिक नुकसान के बिना हो सके।
हमारी मांग 250 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन की थी। शासन द्वारा मात्र 11 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करना हमारे हाथ में झुनझुना थमाने जैसा है। बढ़ती महंगाई और दुकान संचालन के भारी खर्च को देखते हुए यह वृद्धि बेहद निराशाजनक है।
-रवि परयानी, जिला अध्यक्ष शासकीय राशन दुकानदार एवं विक्रेता कल्याण संघ
कमीशन के मामले में छत्तीसगढ़ अब भी अन्य राज्यों से काफी पीछे है। झारखंड में 150 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। केंद्र सरकार 100 रुपये दे रही है, लेकिन राज्य का अंशदान बेहद कम है। पूर्व में 70 से 90 रुपये किया गया था, जिसकी राशि का भुगतान आज तक नहीं हुआ है।
-ऋषि उपाध्याय, प्रदेश सचिव शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक विक्रेता कल्याण संघ