वकील और पुलिस के बीच संघर्ष के बाद अधिवक्ताओं ने किया एसपी…- भारत संपर्क

आकाश मिश्रा
अधिवक्ता और पुलिस के बीच हुई जंग ने संघर्ष का रूप ले लिया है। अधिवक्ता के ऊपर वर्दी धारी पुलिस कर्मचारियों द्वारा मारपीट करने के आरोप के साथ जिला अधिवक्ता संघ ने एसपी कार्यालय का घेराव कर दिया। आरोप है कि अधिवक्ता अनुराग पांडे के साथ आरक्षक विश्वजीत खूंटे और 112 के चालक योगेश बघेल ने मारपीट की है। यहां तक कि अनुराग की पत्नी के साथ भी अभद्रता किया । बताया जा रहा है कि 4 फरवरी को अधिवक्ता अनुराग पांडे का अपनी पत्नी के साथ कोई विवाद हो गया, इसके बाद अनुराग पांडे ने 112 को फोन कर दिया था ।दोपहर कभी 3:30 बजे आरक्षक विश्वजीत खूंटे और 112 का चालक योगेश बघेल उनके घर पहुंचे। इस पर अधिवक्ता अनुराग पांडे ने आपत्ति की तो दोनों पक्षों के बीच विवाद होने लगा। अधिवक्ता अनुराग पांडे का कहना है कि इस विवाद में आरक्षक ने उनके कपड़े फाड़ दिए और मोबाइल पटक दिया। यहां तक कि उनकी पत्नी के साथ भी बदसलूकी की। आरोप है कि उन्हें एट्रोसिटी एक्ट में फंसा देने की धमकी भी दी गई।

इधर पुलिस कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें फोन कर बुलाया गया और उनके साथ विवाद किया गया। उनकी वर्दी फाड़ी गई और सरकारी काम में बाधा पहुंचाया गया। इधर इस घटना के बाद पुलिस कर्मचारी, अधिवक्ता अनुराग पांडे को लेकर सरकंडा थाने चले गए, जहां रात 1:00 बजे तक उन्हें थाने में बिठा रखा गया । अधिवक्ता का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई है और उनके शरीर के कई हिस्सों में इस वजह से चोट आई है। अधिवक्ता यह भी कह रहे हैं कि उनके साथ मारपीट करने के बाद उनके ही खिलाफ झूठे प्रकरण बना दिए गए हैं। इस मामले में सोमवार को अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय का घेराव कर दिया और एसपी को ज्ञापन सौंप कर न्याय एवं कार्यवाही की मांग की है।
अधिवक्ताओं ने मामले की जांच कर दोषी आरक्षक विश्वजीत खूंटे और चालक योगेश बघेल को तत्काल निलंबित करने की मांग की है जबकि पुलिस कर्मचारियों ने भी अधिवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज कराया है और वे भी न्याय की गुहार लगा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि कानूनी प्रक्रिया के दो आधार स्तंभ पुलिस और वकील इस मामले की वजह से आपस में भिड़ गए हैं। दोनों के लिए ही यह नाक का सवाल है ।इसलिए देखना दिलचस्प होगा कि इस पूरे मामले में ऊंट किस करवट बैठता है।