श्रमिकों के मांगों की आवाज बुलंद करने एमएमएस कर रही चुनाव…- भारत संपर्क
श्रमिकों के मांगों की आवाज बुलंद करने एमएमएस कर रही चुनाव लड़ने की तैयारी, कोरबा सीट पर उतार सकती है प्रत्याशी, टटोल रहे नब्ज, कोरबा सीट पर एचएमएस तलाश रही संभावानाएं, उतार सकती है प्रत्याशी
कोरबा। कोरबा उद्योग नगरी हैं। यहां बड़ी संख्या में कामगार निवास करते हैं। जो लोकसभा क्षेत्र के वोटर भी हैं। ऐसे में कोल सेक्टर की सबसे बड़ी यूनियन हिंद मजदूर सभा (एमएमएस) के नेता नाथूलाल पाण्डेय इसकी संभावानाएं टटोल रहे हैं कि किसी श्रमिक नेता को कोरबा लोकसभा सीट से चुनावी मैदान पर बतौर उम्मीदवार उतार दिया जाए तो परिणाम की तस्वीर कैसी बनेगी। एमएमएस कोरबा से किसी मजदूर नेता को टिकट दे सकती है। एमएमएस नेता नाथूलाल पाण्डेय का कहना है कि कोरबा लोकसभा क्षेत्र के 50 फीसदी से ज्यादा मतदाता श्रमिक और उनके परिवार से हैं। श्रम नीतियों को लेकर ये कामगार एकजुट हो जाएं तो भाजपा, कांग्रेस जैसे दलों को पटखनी दे सकते हैं। कोरबा लोकसभा सीट से उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रहे हैं। इसके लिए श्रमिक जगत के कई लोगों से चर्चा हो रही है। एटक के हरिद्वार सिंह ने सहमति दे दी है। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) अप्रत्यक्ष तौर पर भाजपा को समर्थन देता है, लेकिन मोदी सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के कारण बीएमएस भी नाराज है। बड़ी संख्या में वर्कर्स केन्द्र सरकार की श्रम नीतियों की मुखालफत कर रहे हैं। नाथूलाल पाण्डेय ने यह भी कहा कि वर्तमान में चुनाव पैसों के दम पर लड़ा जाता है। भाजपा जैसे दलों ने चुनाव को खर्चीला बना दिया है। चुनाव के दौरान ऐसा नैरेटिव पैदा कर दिया जाता है कि असल मुद्दे गायब हो जाते हैं और श्रमिकों के मुद्दे गुम हो जाते हैं। आमजनों को श्रम नीतियों से कोई लेना- देना नहीं होता। पूरे विश्व में भारत एक ऐसा देश है जहां सबसे महंगा चुनाव होता है। चुनाव के दौरान मतदाताओं तक इन बातों को पहुंचाना होगा कि मोदी सरकार की श्रम विरोधी नीतियों का खामियाजा किस तरह भुगतना होगा। नए श्रम कानून से मजदूर कतई सुरक्षित नहीं है। केन्द्र की तमाम नीतियां पूंजीपतियों लाभ पहुंचाने वाली हैं।नाथूलाल पाण्डेय ने कांग्रेस सांसद ज्योत्सना महंत पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि ज्योत्सना महंत अपनी सांसद निधि का पूरा पैसा तक खर्च नहीं कर सकीं। श्रमिकों के हित के मुद्दों को भी वे केन्द्र सरकार के समक्ष ठीक तरह से नहीं रख सकीं। कोरबा लोकसभा क्षेत्र में प्रदूषण और पर्यावरण का संरक्षण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, लेकिन सांसद ज्योत्सना महंत इसको लेकर मुखर नहीं रहीं।