रिटायर्ड कोयला कर्मियों के पेंशन में बढ़ोत्तरी की समीक्षा…- भारत संपर्क
कोरबा। एसईसीएल समेत कोल इंडिया की दूसरे सहयोगी कंपनियों के रिटायर्ड कोयला कर्मियों के पेंशन में बढ़ोत्तरी के लिए नियमित अंतराल में समीक्षा नहीं कर रहे हैं। इसके विरोध में अगले महीने मार्च में आंदोलन किया जाएगा।
ऑल इंडिया कोल पेंशनर्स एसोसिएशन कोयला पेंशनरों के लंबित मुद्दे को फिर से उठाएगी। एसोसिएशन की नाराजगी कोल पेंशनरों के हित का सुझाव अमल में नहीं लाने को लेकर भी है। इस कारण कई कोल पेंशनरों को उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है और इन्हें 1 हजार से भी कम पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। सर्वाधिक कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया के सहयोगी कंपनियों से सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारियों को कोयला खान पेंशन योजना 1998 के तहत हर महीने पेंशन का लाभ मिलता है। नियमानुसार नियमित अंतराल में पेंशन की समीक्षा कर संशोधन किया जाना था। मगर 1998 के बाद से अभी तक किसी तरह की समीक्षा नहीं की गई है। इससे पेंशन बढ़ोत्तरी का लाभ कोल पेंशनरों को नहीं मिल रहा है। ऑल इंडिया कोल पेंशनर्स एसोसिएशन समय-समय पर यह मुद्दा उठा रही है। पूर्व में प्रतिनिधि मंडल के साथ सीएमपीएफओ के पेंशन बढ़ोत्तरी में निर्णय लेने अधिकारियों के साथ बैठक हुई। कार्यशाला होनी थी। मगर इस ओर ध्यान नहीं देने से एसोसिएशन की नाराजगी बढ़ गई है। कोल पेंशनरों के हित से जुड़े मुद्दे पर 30 मार्च को एसोसिएशन की ओर से आंदोलन किया जाएगा। रिटायर्ड कोयला कर्मियों के कल्याण को प्राथमिकता देने और पेंशन में बढ़ोत्तरी की प्रमुख मांग है। दूसरी ओर बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की चिंता पेंशन फंड में आक्क से ज्यादा निकासी को लेकर है। कम राशि पेंशन फंड को मिलते हैं। जबकि इससे ज्यादा की निकासी होती है। इसकी वजह रिटायर्ड कर्मचारियों की संख्या बढ़ना है। सेवानिवृत्त कर्मियों को लीज पर आवासीय कॉलोनी के मकान देने कोल इंडिया की आवास सब कमेटी का गठन जरूर किया गया। लेकिन इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। इससे सेवानिवृत्त कर्मियों को लीज पर आवास मिलने की सुविधा से भी वंचित हैं। आवासीय कॉलोनियों के मकान किराए या लीज एग्रीमेंट पर देने की योजना को अंतिम रूप देने ही डेढ़ साल पहले कमेटी गठित की गई। इसकी तीन बैठकें भी हुई। लेकिन इस पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेने से सेवानिवृत्त कर्मियों की उम्मीदें टूटने लगी है।
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