रहमान डकैत से भी दमदार एंट्री, 17 साल बांग्लादेश से बाहर और लौटते ही तारिक को मिली… – भारत संपर्क
तारिक रहमान.
इंडियन फिल्म धुरंधर अगर आपने देखी है तो रहमान डकैत आपको जरूर याद होगा. खासतौर पर डकैत की एंट्री ने फैंस को खुश कर दिया था. उसकी चर्चा फिल्म आने के महीनों बाद भी लगातार हो रही है. ठीक रहमान डकैत की तरह ही बांग्लादेश में तारिक रहमान की एंट्री की चर्चा हो रही है. चुनाव से ठीक पहले उन्होंने बांग्लादेश में एंट्री ली थी. तभी से उन्हें अपनी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का पीएम उम्मीदवार माना जा रहा है. उनके नेतृत्व में पहली बार पार्टी ने चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज की है.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का साल 2026 के आम चुनावों में पहली बार नेतृत्व किया है. मतलब यह कि चुनाव कैसे लड़ना है और क्या रूपरेखा रहेगी. यह सब तारिक रहमान ने ही तय किया है. साथ-साथ ही उन्होंने भी पहली बार चुनावों में हिस्सा लिया. उन्होंने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था और दोनों ही सीटों पर जीत दर्ज की है.
चुनाव से पहले खालिदा जिया का निधन
बांग्लादेश के आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने उस समय जीत दर्ज की है. जब शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव में हिस्सा नहीं लेने दिया गया.चुनाव से कुछ महीने पहले ही ख़ालिदा ज़िया का निधन हो गया था. इसके बाद ही बेटे तारिक़ ने पार्टी की कमान संभाली थी. तारिक के समर्थक उनको ही बांग्लादेश का संभावित प्रधानमंत्री बता रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि अब वह बांग्लादेश के पीएम बनेंगे.
भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद छोड़ा था बांग्लादेश
तारिक रहमान चुनाव से लगभग एक महीने पहले ही सालों बाद बांग्लादेश पहुंचे थे. हालांकि उनके बांग्लादेश पहुंचने के कुछ दिन के भीतर ही उनकी मां का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया था. इसी के बाद पार्टी की पूरी कमान उनके हाथों में आ गई थी.
तारिक पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. यही वजह है कि साल 2007 में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. उस समय तारिक ने 18 महीने जेल में ही गुजारे थे. जेल से बाहर आने के बाद और दोबारा गिरफ्तारी से बचने के लिए 2008 में लंदन चले गए थे. उस समय सरकार ने तारिक को इलाज के लिए देश से बाहर जाने की अनुमति दी थी. हालांकि इसके बाद वह देश नहीं लौटे.
17 सालों से लंदन में रह रहे थे तारिक
पिछले करीब 17 सालों से तारिक लंदन में ही अपने परिवार के साथ रह रहे थे. 17 साल बाद वह 25 दिसंबर को बांग्लादेश पहुंचे थे. लंदन में रहने के दौरान वे उस समय की मौजूदा सरकार शेख हसीना पर गंभीर आरोप लगाते रहे थे. इसके साथ ही राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी कार्यकर्ता ताहिक रहमान को ही अपना नेता मानती चली आ रही थी. यही वजह है कि ऐसा माना जा रहा है कि तारिक ही अब बांग्लादेश के अगले पीएम बनेंगे.
