खैर लकड़ी के अवैध कारोबार पर शिकंजा, आरोपी के घर से 81 लाख नकद जब्त
खैर लकड़ी के अवैध कारोबार पर शिकंजा। ()HighLights
- पुलिस ने आरोपित के मकान से 81 लाख रुपये नकद जब्त किए।
- नकदी 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियों में मिली।
- खैर लकड़ी के अवैध परिवहन मामले में अपराध दर्ज हुआ।
, महासमुंद : खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और कथित फर्जी एनओसी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित मनीष अग्रवाल के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम मुड़पार स्थित मकान से 81 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। न्यायालय से सर्च वारंट मिलने के बाद पुलिस ने सात सितंबर को मकान की तलाशी ली। अपराध से अर्जित संपत्ति से नकदी के जुड़े होने की आशंका पर कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।
जुलाई में दर्ज हुआ था अपराध
पुलिस के अनुसार वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर जुलाई में पिथौरा थाना में अपराध दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। जांच में करीब 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए एनओसी में कथित कूटरचना कर उसे वास्तविक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई।
तलाशी में मिली 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां
विवेचना के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपित के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा स्थित मकान की तलाशी ली। यहां 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां मिलीं। इनमें कुल 16,200 नोट थे, जिनकी कीमत 81 लाख रुपये है। पुलिस ने नकदी को विधिवत जब्त कर लिया है।
कई अन्य मामलों की भी जांच जारी
पुलिस को आरोपित के खिलाफ महासमुंद, माना और रायगढ़ के अलावा ओडिशा में भी पुलिस व वन विभाग से जुड़े कई मामलों की जानकारी मिली है। इन प्रकरणों और वर्तमान मामले के बीच संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि नकदी के स्रोत समेत मामले के अन्य पहलुओं की विवेचना जारी है।
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