
हाईकोर्ट ने कहा कि अनुबंध के दौरान कमियों के लिए जारी नोटिस को ब्लैकलिस्टिंग के लिए विशिष्ट शो-कॉज नोटिस नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि ब्लैकलिस्टिंग को सिविल डेथ के समान माना गया है, जिसका सीधा असर सरकारी टेंडर में भाग लेने और भविष्य में ठेके प्राप्त करने की क्षमता पर पड़ता है।
Source: Originally published by DPR (Original Article)
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