पर्यटन स्थल सतरेंगा में स्थित है 1400 साल पुराना साल का पेड़- भारत संपर्क

डॉ अलका यादव बिलासपुर छत्तीसगढ़

जिला मुख्यालय कोरबा से लगभग 40 किलोमीटर दूर ग्राम सतरंग मे 1400 वर्ष पुराना साल का पेड़ जिसे देखने के लिए जीवन धारा नमामि गंगे छत्तीसगढ़ टीम के सदस्य मेरी सहयोगी पी. एन. एस महाविद्यालय की सहायक अध्यापक जीवन धारा नमामि गंगे की जिला अध्यक्ष मोना केवट, शिक्षिका शांति सोनी साथ थे कोरबा (छत्तीसगढ़) के भ्रमण के दौरान हम सभी पहाड़ी कोरवा आदिवासियो के बीच जंगलों में आदिवासियों की संस्कृति को जाने का अवसर प्राप्त हुआ
हमारी मुलाकात श्री राम पहाड़ी कोरवा से हुई उन्होंने बताया कि बताया कि यहां सबसे प्राचीन वृक्ष है, सबसे पुराने साल के वृक्ष को देखने का अवसर मिला। इसकी अनुमानित आयु लगभग 1400 वर्ष है। जमीनी स्तर पर इसका व्यास 28 फीट और सामान्य व्यक्ति की छाती की ऊंचाई से मापने पर 22 फीट है। ऊंचाई 28 मीटर है। विशालकाय पेड़ कई अलग-अलग प्रकार के पेड़ों से घिरा हुआ है, जिससे फोटोग्राफर के लिए साल के पेड़ की पूरी ऊंचाई को तस्वीर में लेने की कोई जगह नहीं बचती है। साल, जिसका वानस्पतिक नाम शोरिया रोबस्टा (लैटिन) है, भारतीय उपमहाद्वीप का एक मूल वृक्ष है। इसके अलावा, यह म्यांमार, नेपाल, बांग्ला देश में भी पाया जाता है। हाल के दिनों में रेलवे के लिए स्लीपर बनाने हेतु बहुत सारे पेड़ काटे गए थे, लेकिन अब उन्हें संरक्षित करने के उपाय के रूप में उनकी जगह सीमेंट की स्लैब लगाई जा रही है
( सरई)साल के पौधे नैसर्गिक रूप से उगते हैं। बीते दो दशक में साल के लाखों पेड़ काटे जा चुके हैं। इसके बदले में रोपण का प्रयास किया जा रहा है, पर रोपण की सफलता की दर कम है। साल का वैज्ञानिक नाम शोरिया रोबस्टा है। यह डिप्टेरोकापैसी कुल का सदस्य है।
2006 में हुई थी खोज
कोरबा का सतरेंगा गांव साल वृक्षों के प्राकृतिक खजाने के लिए पहचान रखता है। यहां 2006 में इस महावृक्ष की खोज हुई थी। वानिकी की वैज्ञानिक पद्धतियों का इस्तेमाल कर जब इस महावृक्ष का विशेषज्ञों ने बारीकी से अध्ययन किया, तब इसकी उम्र 1400 साल पाई गई। देहरादून स्थित वानिकी प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए परीक्षण में भी इसकी उम्र की पुष्टि की गई। अब इसकी उम्र को बोर्ड पर अंकित किया गया है।