50 साल पहले समुद्र के बीचोंबीच इस कंपनी को मिला था ‘अनमोल…- भारत संपर्क


ओएनजीसी की मुंबई हाई ऑयल फील्ड Image Credit source: ONGC
भारत सरकार की एक कंपनी को 50 साल पहले समुद्र के बीच एक ऐसा ‘अनमोल खजाना’ मिला, जिसने देश के लिए तरक्की की नई इबारत तो लिखी ही. साथ ये भारत सरकार और उस कंपनी के लिए बेहतरीन कमाई का जरिया भी बन गया. आज जब इस ‘खजाने की खोज’ को 50 साल पूरे हो चुके हैं, तब भी ये जबरदस्त पैसा कमाकर दे रहा है.
यहां बात हो रही है ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के मुंबई हाई ऑयल फील्ड की. समुद्र के बीच मिले इस तेल क्षेत्र की खोज को अब 50 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन ये ऑयल फील्ड अब भी प्रोडक्शन कर रही है और कंपनी को कमाई करके दे रही है. वहीं इसकी खोज के साथ या बाद में मिले कई ऑयल और गैस फील्ड में प्रोडक्शन काफी पहले बंद हो चुका है.
देश का सबसे बड़ा ऑयल फील्ड
मुंबई के तट से करीब 160 किलोमीटर दूर अरब सागर के बीच बना मुंबई हाई देश के सबसे बड़े ऑयल फील्ड में से एक है. इसके 50 साल पूरे होने पर ओएनजीसी ने मुंबई में एक स्पेशल कार्यक्रम का आयोजन किया. पिछले 50 सालों में मुंबई हाई से 52.7 करोड़ बैरल कच्चा तेल और 221 अरब घनमीटर गैस का प्रोडक्शन किया जा चुका है. ये भारत के अब तक कुल डोमेस्टिक प्रोडक्शन का करीब 70 प्रतिशत है.
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मुंबई हाई फील्ड (पहले बॉम्बे हाई फील्ड) की खोज फरवरी 1974 में रूसी और भारतीय टीम ने की थी. हालांकि इस ऑयल फील्ड से उत्पादन 1976 में शुरू हुआ था. शुरुआत में प्रतिदिन सिर्फ 3,500 बैरल तेल का उत्पादन होता था और तीन साल के भीतर यह 80,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया.
बिछानी पड़ी समुद्री पाइपलाइन
मुंबई हाई से कच्चे तेल को मुंबई की रिफाइनरियों तक लाने के लिए 1978 में एक उप-समुद्री पाइपलाइन बिछाई गई थी. उससे पहले तक कच्चा तेल टैंकरों में भरकर रिफाइनरियों तक भेजा जाता था. इसके बाद 1989 में इस ऑयल फील्ड से कच्चे तेल का प्रोडक्शन बढ़कर 4,76,000 बैरल प्रतिदिन और गैस का उत्पादन 28 अरब घनमीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया. हालांकि अब इसमें धीरे-धीरे गिरावट देखी जा रही है. लेकिन अभी भी मुंबई हाई से हर दिन लगभग 1,35,000 बैरल कच्चा तेल और 13 अरब घनमीटर गैस का उत्पादन हो रहा है.
इस ऑयल फील्ड में अब भी भंडार है, जिससे कुछ और सालों तक प्रोडक्शन जारी रखा जा सकता है.