
रायपुर. शिक्षक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के हजारों टीईटी (TET) उत्तीर्ण शिक्षकों ने अपनी लंबित पदोन्नति की मांग को लेकर नवा रायपुर के तुता मैदान में ‘TET आधारित पदोन्नति न्याय सत्याग्रह’ का आयोजन किया. इसके बाद जब शिक्षक शांतिपूर्ण रैली निकालकर शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव करने के लिए बढ़े, तो पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया. इससे गुस्साए शिक्षक सड़क पर ही बैठकर उग्र प्रदर्शन करने लगे.
टीईटी (TET) के आधार पर ही पदोन्नति की मुख्य मांग
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की गाइडलाइंस और छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र का हवाला दिया. संघ का कहना है कि:
पदोन्नति प्रक्रिया में केवल निर्धारित टीईटी योग्यता वाले पात्र शिक्षकों को ही आगे बढ़ाया जाए.
बिना टीईटी योग्यता वाले शिक्षकों को पदोन्नति देना नियमों के खिलाफ है.
टीईटी अनिवार्य करने से स्कूलों को विषयानुकूल, अनुभवी शिक्षक मिलेंगे और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा.
प्रदेश में 14 हजार विषय-विशेषज्ञों के पद खाली होने का दावा
शिक्षक संघ के अनुसार, राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों के लगभग 14,000 पद पदोन्नति से भरे जाने हैं. इसके अलावा प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में करीब 4,000 प्रधान पाठक के पद भी रिक्त पड़े हैं. शिक्षकों का आरोप है कि विभाग ने 30 जून, 10 अगस्त और 30 अगस्त जैसी समय-सीमाएं तय की थीं, लेकिन अभी तक कई जगहों पर वरिष्ठता सूची भी जारी नहीं की गई है.
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से तुरंत हस्तक्षेप की अपील
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अन्य विभागों की तरह शिक्षा विभाग में भी वरिष्ठता सूची जारी कर लंबित पदोन्नति के आदेश तुरंत दिए जाएं, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो सके.
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