कैसे वापस आएंगे रूस युक्रेन में फंसे भारतीय युवक? विदेश मंत्रालय ने बताया | Ministry… – भारत संपर्क

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कैसे वापस आएंगे रूस युक्रेन में फंसे भारतीय युवक? विदेश मंत्रालय ने बताया | Ministry… – भारत संपर्क
कैसे वापस आएंगे रूस-युक्रेन में फंसे भारतीय युवक? विदेश मंत्रालय ने बताया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल

रूस-यूक्रेन के बीच जंग को दो साल पूरे हो चुके हैं लेकिन दोनों देशों के बीच सुलह का कोई रास्ता नहीं दिखता. बल्कि दिन-ब-दिन ये युद्ध और ज्यादा खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है. इसी बीच जंग के बीच फंसे भारतीय युवाओं पर विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है.

बीते दिनों रूस-यूक्रेन की जंग में फंसे कुछ भारतीय युवकों का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने भारत सरकार से गुहार लगाई थी कि वह उनको वहां से निकालें. इन युवकों ने ये इल्जाम लगाया था कि रूस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुछ ऐजेंटस ने इन युवकों को फंसा दिया. जब वह रूस पहुंचे तो उनको जंग में बिना किसी ट्रेनिंग के भेज दिया गया. हाल के दिनों में कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, जम्मू और कश्मीर और तेलंगाना से कई लोग रूस गए हैं. रूस में फंसे लोगों के अनुसार एजेंटों ने उनसे कहा था कि उन्हें रूस में हेल्पर और सिक्योरिटी से जुड़ी नौकरियां दी जाएंगी, सेना में नहीं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

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विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

विदेश मंत्रालय ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूस में फंसे हुए भारतीय युवकों की वापसी से जुड़े सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि रूसी सेना में करीब 20 भारतीयों के होने का अनुमान था. विदेश मंत्रालय रूसी अधिकारियों के संपर्क में है. MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय विदेश मंत्रालय सभी भारतीयों की सुरक्षित वापसी को लेकर प्रतिबद्ध है. रुस-यूक्रेन युद्ध में भारत शांति का पक्षधर है और भारत ने दोनों पक्षों में बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात उच्च स्तर पर की है. उन्होंने आगे कहा कि हमने लोगों से ये अपील की है कि वह इस तरह के लोगों के झांसे में ना फंसे और जितना हो सके खुद को वॉर जोन से दूर रखें.

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लाखों की सैलरी का लालच

बता दें नौकरी के लालच में रूस की सेना में फंसे भारतीयों के मामले को भारतीय विदेश मंत्रालय ने रूस की सरकार के सामने उठाया है. विदेश मंत्रालय ने पहले एक बयान जारी कर बताया था कि उनके द्वारा मामला उठाए जाने के बाद कई भारतीय नागरिकों को रूस की सेना ने छोड़ भी दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि रूस की सेना में काम कर रहे भारतीयों को रूस की कंपनियों में बतौर हेल्पर काम करने की पेशकश की गई थी. इसके बदले में उन्हें लाखों रुपए की सैलरी की बात कही गई थी. इसी तरह मोटी सैलरी के लालच में कई युवा रूस पहुंच गए.

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