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गृहमंत्री का करीबी बताकर सरकारी नौकरी का झांसा, 15 लोगों से 25 लाख की ठगी; दो आरोपी गिरफ्तार

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गृहमंत्री का करीबी बताकर सरकारी नौकरी का झांसा, 15 लोगों से 25 लाख की ठगी; दो आरोपी गिरफ्तार

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रायपुर. सरकारी नौकरी लगवाने और ट्रांसफर कराने का दावा कर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने वाले दो आरोपियों को रायपुर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों पर खुद को प्रभावशाली लोगों का करीबी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने करीब 15 लोगों से लगभग 25 लाख रुपये लेने की बात पूछ पुलिस को बताया कि संतराम यादव और आदित्य मोहन पंडा ने सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था. दोनों ने प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने कीताछ में स्वीकार की है.

गृह मंत्री के निज सहायक होने का किया दावा
मामले की शुरुआत बोस्टो तांडी की शिकायत से हुई. पीड़ित ने पुलिस को बताया कि संतराम यादव और आदित्य मोहन पंडा ने सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था. दोनों ने प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने की बात कहकर पीड़ित को विश्वास में लिया.

आरोप है कि आदित्य मोहन पंडा ने खुद को गृह मंत्री का निज सहायक बताकर पुलिस ने शिकायतकर्ता और मामले से जुड़े गवाहों से पूछताछ की. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अपनी झूठी पहचान पेश की और नौकरी दिलाने के नाम पर पीड़ित से 70 हजार रुपये ले लिए. रकम लेने के बाद भी नौकरी नहीं लगाई गई.

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने शिकायतकर्ता और मामले से जुड़े गवाहों से पूछताछ की. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य मोहन पंडा (23) और संतराम यादव (38) के रूप में हुई है.

नौकरी और ट्रांसफर के नाम पर लेते थे पैसे
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने सिर्फ नौकरी लगाने के नाम पर ही नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों का ट्रांसफर कराने का दावा करके भी लोगों से रकम ली थी.

पुलिस के अनुसार, अब तक करीब 15 लोगों से 25 लाख रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की पूरी रकम की भी जांच कर रही है.

पुलिस कर रही है आगे की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया और इस कथित ठगी में उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं.

पुलिस ने मामले में BNS की धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है.

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