रायपुर में आठ साल के बच्चे का अपहरण कर मांगी 15 लाख की फिरौती, पुलिस ने 6 घंटे में किया पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
6 घंटे में पुलिस ने किया मामले का पर्दाफाश, फोटो-एआई जनरेटेडHighLights
- दिनदहाड़े किया गया था बच्चे का अपहरण
- 6 घंटे में पुलिस ने किया मामले का पर्दाफाश
- बच्चे को बरामद कर परिजनों को सौंपा
, रायपुर। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने आठ वर्षीय बालक के अपहरण और 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले का महज छह घंटे में पर्दाफाश कर दिया।
पकड़े गए आरोपितों में हेमंत उर्फ छोटू निषाद (25 वर्ष), और मिथलेश ध्रुव उर्फ भुरू (20 वर्ष) है। दोनों बलौदाबाजार जिले के गिधपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम दतरेंगी के निवासी हैं। मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल है।
आरोपितों ने दिनदहाड़े बालक का अपहरण कर उसके पिता से उसे छोड़ने के एवज में 15 लाख रुपये मांगे थे। सूचना मिलते ही आरंग पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर घेराबंदी शुरू की और रेंज साइबर सेल की मदद से आरोपितों की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस की बढ़ती दबिश से घबराए अपहरणकर्ता बालक को ग्राम समोदा स्थित पेट्रोल पंप के पास छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद बलौदाबाजार जिले के गिधपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम दतरेंगी में दबिश देकर दो आरोपितों और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ लिया। आरोपितों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
मेडिकल दुकान से निकला, फिर नहीं लौटा बच्चा
पुलिस के अनुसार, घटना 16 अक्टूबर 2026 की है। आरंग निवासी प्रार्थी इंदिरा चौक स्थित मेडप्लस मेडिकल दुकान में काम करता है, जबकि उसकी पत्नी नर्स है। घटना की सुबह पत्नी अपने आठ वर्षीय बेटे को मेडिकल दुकान में छोड़कर गई थी। सुबह करीब नौ बजे बालक अपने पिता से खेलने और साइकिल चलाने की बात कहकर दुकान से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा।
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काफी देर तक बच्चे के घर नहीं पहुंचने पर स्वजन ने आसपास तलाश की। परिचितों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने शाम करीब चार बजे आरंग थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी।
फोन कर मांगे 15 लाख रुपये
बच्चे की तलाश के बीच प्रार्थी के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्तियों का फोन आया। फोन करने वालों ने बालक को अपने कब्जे में होने की बात कहते हुए उसे छोड़ने के बदले 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इसके बाद मामला अपहरण और फिरौती वसूली का होने की पुष्टि हुई।
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