
जबलपुर. मंडला से होते हुए जबलपुर की बरगी के जंगलों के पास 30 हाथियों का एक झुंड पहुंचा है. वन विभाग के अधिकारियों ने इसकी पुष्टी की है. वन विभाग की 40 से ज्यादा अधिकारियों की ड्यूटी मॉनिटरिंग के लिए लगाई गई है. इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को जंगल से दूर रहने की हिदायत दी गई है.
छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकलकर करीब 300 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद हाथियों का एक झुंड जबलपुर के बरगी क्षेत्र तक पहुंच गया है. इलाके में हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया. रविवार को सूचना मिलने के बाद 40 से अधिक वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों की लोकेशन तलाशने के साथ उनकी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया है. वन विभाग के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती हाथियों की सही संख्या का पता लगाने और उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने की है.
वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती
जानकारी के मुताबिक, बरगी और आसपास के जंगलों में इससे पहले हाथियों की मौजूदगी सामने नहीं आई थी. मध्य प्रदेश में अब तक उमरिया और शहडोल के जंगलों में हाथियों की आवाजाही की जानकारी मिलती रही है. ऐसे में छत्तीसगढ़ से निकलकर बरगी तक हाथियों का पहुंचना वन विभाग के लिए भी एक अहम घटनाक्रम है.
भोजन और पानी की तलाश
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाथियों ने छत्तीसगढ़ से अपनी यात्रा शुरू की. इसके बाद वे बालाघाट के चूरापूड़ी क्षेत्र से होते हुए नकटिया और परासिया के रास्ते बरगी तक पहुंचे. इस दौरान उन्होंने लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय की. जबलपुर के डीएफओ पुनीत सोनकर ने बताया, हाथियों के चलने की कोई निश्चित दूरी निर्धारित नहीं होती है. वे परिस्थितियों के अनुसार, एक दिन में अलग-अलग दूरी तय करते हैं. कई बार हाथी लगातार चलते रहते हैं, जबकि कुछ मौकों पर 20 से 30 किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं.
हरियाली, पानी के स्रोत और भोजन बना आकर्षण
वन्यजीवों के जानकारों का मानना है कि बरगी क्षेत्र में मौजूद हरियाली, पानी के स्रोत और पर्याप्त भोजन हाथियों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रहे हैं. माना जा रहा है कि भोजन करते और बीच-बीच में आराम करते हुए हाथियों ने इस इलाके तक का सफर पूरा किया है. इस दौरान कुछ खेतों में उनके घुसने की जानकारी भी सामने आई है, हालांकि अब तक बड़े नुकसान की सूचना नहीं है.
24 घंटे निगरानी, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए जबलपुर वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है. सिवनी वन विभाग को भी इसकी सूचना दी गई है, ताकि हाथियों की आवाजाही पर समन्वय के साथ नजर रखी जा सके. विशेष टीम दिन-रात जंगल में तैनात रहकर उनकी गतिविधियों का पता लगा रही है. विभाग की प्राथमिकता हाथियों को बिना नुकसान पहुंचाए जंगल के भीतर ही बनाए रखना है, ताकि इंसानों और वन्यजीवों के बीच टकराव की स्थिति पैदा न हो. आने वाले दिनों में हाथियों की संख्या, उनकी दिशा और आगे की गतिविधियों के आधार पर निगरानी की रणनीति तय की जाएगी.
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