छत्तीसगढ़ में गन्ने का रिकॉर्ड भाव.. ₹425 प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी सरकार, पंजाब और यूपी को पछाड़कर बना देश में नंबर-1
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- छत्तीसगढ़ में गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़कर ₹425 प्रति क्विंटल हुआ।
- पंजाब और यूपी को पीछे छोड़ देश में पहले स्थान पर पहुंचा राज्य।
- बिलासपुर संभाग के 4.5 हजार किसानों को ₹24,500 तक का फायदा।
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में राज्य शासन द्वारा गन्ने के खरीद मूल्य में प्रति क्विंटल 70 की एकमुश्त बढ़ोतरी के बाद अब समर्थन मूल्य 425 हो गया है। इस ऐतिहासिक फैसले की साथ ही छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश के 370 और पंजाब के 416 मूल्य को पछाड़कर देश में गन्ने का सर्वाधिक भाव देने वाला पहला राज्य बन गया है। शासन की इस निर्णय से अंचल में भारी उत्साह है।
शासन की नए नीतिगत फैसले का सीधा फायदा बिलासपुर संभाग के तखतपुर, कोटा, बिल्हा, मुंगेली, लोरमी और पथरिया बेल्ट के लगभग 4 हजार 500 पंजीकृत किसानों को मिलेगा। कमान क्षेत्रों में पड़ताल के अनुसार यहां प्रति एकड़ 300 से 350 क्विंटल गन्ने की औसत पैदावार होती है। भाव 355 से बढ़कर 425 होने पर किसानों को प्रति एकड़ 21 हजार से 24 हजार 500 का शुद्ध अतिरिक्त मुनाफा पहुंचेगा।
पिछले दो वर्षों में खाद, कीटनाशक, डीजल और ओडिशा-मध्य प्रदेश से आने वाले श्रमिकों की कटाई मजदूरी 800 से 850 प्रति टन तक पहुंच जाने से किसान नकदी खेती से मुंह मोड़ने लगे थे। पुरानी दरों में लागत निकालना भी भारी पड़ रहा था। अब रिकार्ड मूल्य मिलने से उत्पादन खर्च आसानी से निकलेगा और संभाग में धान की बदले गन्ने का रकबा तेजी से बढ़ेगा।
क्रशरों के सस्ते सिंडिकेट और तौल में हेराफेरी पर लगेगी लगाम
पथरिया, सरगांव और तखतपुर बेल्ट में दूरस्थ मिलों के कारण किसान स्थानीय गुड़ भट्ठों व क्रशरों को 260 से 280 में गन्ना बेचने पर विवश थे। क्रशर संचालक कम दाम के साथ अमानक कांटों से तौल में हेराफेरी कर किसानों का शोषण करते थे। अब 425 का सरकारी भाव मिलने से बिचौलियों का नेटवर्क टूटेगा और किसान सीधे अधिकृत सहकारी वजन कांटों का रुख करेंगे।
सहकारी शक्कर कारखानों को मिलेगा भरपूर माल
कच्चे माल की अभाव में कवर्धा और आसपास की सहकारी शक्कर कारखाने पेराई सीजन समाप्त होने से पहले ही बंद होने की कगार पर पहुंच जाते थे। पर्याप्त गन्ना न मिलने से इथेनाल संयंत्रों का संचालन भी प्रभावित हो रहा था। आकर्षक मूल्य मिलने से संभाग का 15 लाख क्विंटल अतिरिक्त गन्ना सहकारी मिलों को मिलेगा, जिससे मिलें पूरी पेराई क्षमता पर निर्बाध चल सकेंगी।
गन्ने का भाव 425 कर छत्तीसगढ़ ने पूरे देश के सामने मिसाल पेश की है। यह फैसला साबित करता है कि राज्य सरकार अन्नदाताओं को देश में सबसे बेहतर आर्थिक सुरक्षा देने की लिए प्रतिबद्ध है। बिलासपुर संभाग के किसानों के लिए यह दीवाली का सबसे बड़ा उपहार है। धीरेन्द्र दुबे, अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा बिलासपुर ग्रामीण
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