बीरगांव निगम में 7.19 करोड़ का खेल, जल प्रबंधन का पैसा दूसरी योजना में लगाया; ऑडिट विभाग ने मांगा हिसाब
बीरगांव निगम में 7.19 करोड़ का खेल। (एआई जनरेटेड)HighLights
- बीरगांव निगम में 7.19 करोड़ के फंड डायवर्जन पर विवाद।
- जल प्रबंधन की राशि स्वच्छ भारत मिशन में लगाई गई।
- भारतीय लेखा परीक्षा विभाग ने निगम से मांगा पूरा हिसाब।
राज्य ब्यूरो, , रायपुर: बीरगांव नगर निगम में जल प्रबंधन के लिए आबंटित 7.19 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग दूसरी योजना में निकाय अंशदान के रूप में करने के मामले में भारतीय लेखा परीक्षा विभाग ने हिसाब मांगा है।
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के कार्यों में इस राशि के उपयोग की अनुमति और खर्च से जुड़े दस्तावेज तलब किए गए हैं। 13 अगस्त 2026 को जारी आडिट आपत्ति के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने निगम से परियोजना की स्वीकृति, कार्यादेश, खर्च और केंद्र सरकार से मिली अनुमति का ब्योरा मांगा है।
स्वच्छ भारत मिशन में अंशदान के लिए मांगी थी अनुमति
- बीरगांव नगर निगम ने स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत यूजर चार्ज प्रबंधन कार्यों की अनुमानित 50 करोड़ रुपये की परियोजना में 20 प्रतिशत निकाय अंशदान के लिए 15वें वित्त आयोग की राशि उपयोग करने की अनुमति मांगी थी।
- इसमें मिलियन प्लस शहरों के जल प्रबंधन के लिए 3.30 करोड़ रुपये और नान-मिलियन प्लस शहरों के जल प्रबंधन के लिए 3.88 करोड़ शामिल हैं। इस तरह कुल 7.19 करोड़ की राशि का उल्लेख है।
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जल प्रबंधन की राशि दूसरी योजना में उपयोग करने पर उठे सवाल
- आडिट में कहा गया है कि वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक मिलियन प्लस शहरों के जल प्रबंधन के लिए प्राप्त अनुदान की 50 प्रतिशत राशि और वर्ष 2021-22 से 2022-23 तक नान-मिलियन प्लस शहरों के जल प्रबंधन की 100 प्रतिशत राशि का उपयोग नहीं किया जा सका।
- इसके बावजूद जल प्रबंधन के लिए आबंटित राशि को दूसरी योजना में निकाय अंशदान के रूप में उपयोग करने पर सवाल उठाए गए हैं।
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