छत्तीसगढ़ FDA का बड़ा एक्शन, लापरवाह अफसरों की तय होगी जवाबदेही, बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य
नियंत्रक दीपक अग्रवाल (मध्य में), सहायक औषधि नियंत्रक बेनीराम साहू (दायें)HighLights
- लक्ष्य पूरा नहीं करने पर मिलेगा कारण बताओ नोटिस
- काम में लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
- नियंत्रक दीपक अग्रवाल ने की समीक्षा बैठक
राज्य ब्यूरो, , रायपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभागीय लक्ष्यों को पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। काम में लापरवाही, अनावश्यक देरी और निर्देशों की अनदेखी करने वालों की जवाबदेही तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नियंत्रक दीपक अग्रवाल ने की कामकाज की समीक्षा
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल ने विभिन्न जिलों के सहायक नियंत्रकों और निरीक्षकों के कामकाज की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निरीक्षण कार्य, औषधि नमूनों के संग्रहण और लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को समय-सीमा में पूरा करना अनिवार्य है।
ब्लड सेंटर और दवा इकाइयों के निरीक्षण के निर्देश
नियंत्रक ने ब्लड सेंटरों से जुड़े लंबित आवेदनों का समय पर निराकरण कर पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने को कहा। साथ ही ब्लड सेंटर्स और औषधि निर्माण इकाइयों का निर्धारित मानकों के अनुसार निरीक्षण करने के निर्देश दिए। चिकित्सा उपकरणों की बिक्री और वितरण से जुड़े प्रतिष्ठानों के पंजीयन प्रमाणपत्रों का सत्यापन प्राथमिकता से करने पर भी जोर दिया गया।
बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई
विभाग ने आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। अवकाश आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया ई-एचआरएमएस पोर्टल से ही करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री जन शिकायत निवारण प्रणाली यानि सीएम हेल्पलाइन से मिली शिकायतों पर प्राथमिकता से स्थल निरीक्षण कर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों के त्रैमासिक प्रगति विवरण की समीक्षा कर लक्ष्य पूर्ति में सुधार लाने पर जोर दिया गया।
यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में ई-बसों पर डिपो का ब्रेक, रायपुर-बिलासपुर में कब चलेंगी; जानें अपडेट
Leave a Reply