रायपुर में CAF आरक्षक का पे-स्लिप में फर्जीवाड़ा, मां के खाते में ट्रांसफर किए 1.18 करोड़
रायपुर में CAF आरक्षक का पे-स्लिप में फर्जीवाड़ा। (एआई जनरेटेड)HighLights
- माना कैंप में आरक्षक ने 1.18 करोड़ का फर्जीवाड़ा किया।
- वेतन पर्ची में छेड़छाड़ कर अतिरिक्त भत्तों की राशि निकाली।
- सरकारी रकम खुद और मां के बैंक खाते में डाली।
, रायपुर: छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी माना कैंप में सरकारी खजाने से 1.18 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा किया गया है। वाहिनी में पदस्थ आरक्षक कमलेश कुमार साहू ने वेतन पर्चियों में छेड़छाड़ कर अपनी वास्तविक पात्रता से अधिक प्रतिनियुक्ति भत्ता और विशेष राशन भत्ता निकालने का आरोप है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरक्षक ने करीब 1 करोड़ 18 लाख 30 हजार 739 रुपये की अतिरिक्त राशि आहरित की। इसमें से रकम अपने दो बैंक खातों के अलावा अपनी मां विसाहिन साहू के बैंक खाते में भी जमा कराई गई। मामले में सेनानी के निर्देश पर चौथी वाहिनी के वेतन शाखा प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक अरुण खलखो ने माना कैंप थाने में लिखित शिकायत की।
पांच साल तक वेतन शाखा में रहा संबद्ध
- शिकायत के मुताबिक, आरक्षक कमलेश कुमार साहू चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में पदस्थ था। उसके खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितता की जानकारी मिलने पर विभागीय स्तर पर प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच अधिकारी ने 31 अक्टूबर 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसमें वेतन पर्चियों में छेड़छाड़ कर वास्तविक पात्रता से अधिक प्रतिनियुक्ति भत्ता और विशेष राशन भत्ता लेने की बात सामने आई।
- जांच में नवंबर 2012 से अप्रैल 2017 तक की अवधि में वित्तीय अनियमितता किए जाने का उल्लेख है। इस दौरान आरक्षक ने अतिरिक्त राशि अपने बैंक खातों और अपनी मां के खाते में प्राप्त की। प्रारंभिक जांच में कुल 1,18,30,739 रुपये का अतिरिक्त आहरण सामने आया है।
अपने और मां के खाते में पहुंचाई सरकारी रकम
प्राथमिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरक्षक ने वेतन पर्चियों में बदलाव कर अतिरिक्त भत्तों का आहरण कराया। सरकारी राशि सीधे उसके दो बैंक खातों के साथ उसकी मां विसाहिन साहू के बैंक खाते में भी पहुंची। जांच में सामने आए बैंक खातों के विवरण के आधार पर अब पुलिस यह पता लगाएगी कि अलग-अलग खातों में कितनी रकम जमा हुई, राशि कब निकाली गई और इसका उपयोग कहां किया गया।
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विभागीय जांच के बाद एफआइआर
चौथी वाहिनी के सेनानी के आदेश पर तीन नवंबर को जारी पत्र के आधार पर वेतन शाखा प्रभारी अरुण खलखो को आरक्षक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद चार नवंबर को माना कैंप थाने में अपराध दर्ज कराया गया। एफआइआर में कमलेश कुमार साहू को आरोपित बनाया गया है।
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