छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात: 286 करोड़ की बिलासपुर-धरदेई पावर लाइन चालू, 6 जिलों को मिलेगी निर्बाध बिजली
धरदेई–बिलासपुर पूल पारेषण लाइन चार्ज कर चालू कर दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित बिजली अधिकारी।HighLights
- 286 करोड़ से निर्मित 400 केवी धरदेई-बिलासपुर लाइन हुई चालू।
- 50.7 किमी लंबी पारेषण लाइन से बढ़ेगी बिजली आपूर्ति क्षमता।
- हॉटलाइन तकनीक से बिना रेलवे ब्लॉक लिए पूरा हुआ काम।
, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की बिजली पारेषण (बड़ी हाई-वोल्टेज बिजली लाइन) व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। 286 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 400 केवी धरदेई–बिलासपुर पूल पारेषण लाइन को गुरुवार दोपहर सफलतापूर्वक चार्ज कर चालू कर दिया गया।
करीब 50.7 किलोमीटर लंबी इस लाइन के शुरू होने से बिजली पारेषण की क्षमता में वृद्धि होगी। इसका सीधा लाभ बिलासपुर सहित मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा, रायपुर और भाटापारा–बलौदाबाजार क्षेत्र को मिलेगा। साथ ही आने वाले वर्षों में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीटीसीएल) की इस महत्वपूर्ण परियोजना को गुरुवार को दोपहर 12:34 बजे चार्ज किया गया। इस दौरान कंपनी के प्रबंध निदेशक इंजीनियर आरके शुक्ला उपस्थित रहे। उनके साथ कार्यपालक निदेशक इंजीनियर संजय पटेल, कल्पना घाटे, इंजीनियर एके अम्बस्थ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
400 केवी डीसीडीएस क्वाड मूस लाइन का निर्माण कई तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियों के बीच पूरा किया गया। निर्माण के दौरान चार स्थानों पर दूसरी विद्युत लाइनों की क्रासिंग का काम हाटलाइन पद्धति से किया गया। खास बात यह रही कि एक रेलवे क्रासिंग पर भी बिना पावर ब्लाक लिए हाटलाइन स्ट्रिंगिंग पद्धति से काम पूरा किया गया। इससे रेलवे परिचालन और विद्युत आपूर्ति बाधित किए बिना लाइन निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य संभव हो सका। परियोजना के दौरान राइट आफ वे (मार्गाधिकार) से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी सामने आईं। हालांकि अधिकारियों और कर्मचारियों के बेहतर समन्वय, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क से इन बाधाओं को दूर करते हुए निर्धारित कार्य पूरा किया गया।
बढ़ेगी बिजली पारेषण की क्षमता
नई 400 केवी पारेषण लाइन के चालू होने से अधिक एमवीए विद्युत शक्ति का पारेषण किया जा सकेगा। इससे वर्तमान बिजली व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ भविष्य में बढ़ने वाली मांग को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। संबंधित जिलों की विद्युत आपूर्ति एवं पारेषण व्यवस्था को इसका व्यापक लाभ मिलेगा। सीएसपीटीसीएल ने इसे कंपनी की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान की सराहना की है।
यह भी पढ़ें- पढ़ाई और नौकरी के नाम पर वैवाहिक जिम्मेदारियों से दूर रहना मानसिक क्रूरता: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
Leave a Reply