क्या गाजा युद्ध रुकवाने के लिए सीरियस नहीं अमेरिका? ब्लिंकन के दौरों के बीच ईरान ने… – भारत संपर्क

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क्या गाजा युद्ध रुकवाने के लिए सीरियस नहीं अमेरिका? ब्लिंकन के दौरों के बीच ईरान ने… – भारत संपर्क
क्या गाजा युद्ध रुकवाने के लिए सीरियस नहीं अमेरिका? ब्लिंकन के दौरों के बीच ईरान ने खोला 'चिट्ठा'

एंटनी ब्लिंकन और नासिर कनानी

गाजा में युद्ध विराम के लिए एक बार फिर अमेरिका के विदेश मंत्री मिडिल ईस्ट दौरे पर हैं. एंटनी ब्लिंकन का ये दौरा हाल ही में पेश किए गए बाइडेन के सीजफायर प्लान को लागू करने के लिए हुआ है. ब्लिंकन ने दौरे के पहले दिन मिस्र के राष्ट्रपति सीसी से काहिरा में मुलाकात की और मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमास एकमात्र पक्ष है जो अभी तक बाइडेन के युद्धविराम प्रस्ताव पर सहमत नहीं हुआ है.” अमेरिका का कहना है कि इजराइल प्रस्ताव को मान चुका है.

सोमवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी ने कहा, पिछले 8 महीने से गाजा जंग में इजराइल को अमेरिका का पूरा साथ मिल रहा है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका किसी भी तरह से युद्धविराम नहीं चाहता है. दूसरी तरफ ब्लिंकन से सीजफायर मसौदे पर मिस्र के राष्ट्रपति के साथ विस्तार से बात की है और सीजफायर के लिए हमास पर दबाव बनाने का आह्वान किया है.

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सीजफायर के लिए हमास पर डालें दबाव-ब्लिंकन

ब्लिंकन ने मिस्र से रवाना होने से पहले मीडिया से कहा, “पूरे क्षेत्र की सरकारों और लोगों को मेरा संदेश है कि यदि आप युद्धविराम चाहते हैं तो हमास पर दबाव डालें कि वे प्रस्ताव के लिए हां कहें.” वहीं मिस्र के राष्ट्रपति ने गाजा जाने वाली मानवीय सहायता में आने वाली रुकावट को दूर करने पर जोर दिया. ब्लिंकन इजराइल के लिए रवाना हो गए, आज उनकी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात हो सकती है.

उनके इस दौरे से पहली ही इजराइल गाजा में और आक्रामक हो गया है. जिससे युद्ध रुकने की सभी संभावनाएं खत्म होती नजर आ रही है. राफा के कैंप के हमले के विरोध में हमास ने पहले ही युद्ध विराम वार्ता से खुद को अलग कर लिया था. इजराइल ने मध्य और दक्षिणी गाजा में हमले जारी रखे हैं, इजराइल के ताजा हमले इस जंग में किए गए सबसे खूनी हमलों में से एक हैं.

सीजफायर के लिए अमेरिका सीरियस नहीं

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी ने अमेरिका की मंशा पर कई सवाल खड़े किए हैं. सोमवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “अगर अमेरिकी ईमानदारी से युद्धविराम चाहते हैं, तो वे इजराइल को हथियार भेजना बंद करें.” कनानी ने इजराइल के कैबिनेट मंत्री और सैन्य सुरक्षा अधिकारियों के बार-बार इस्तीफे को इजराइल सरकार के पतन, अपने मकसद में कामयाब न होना और गाजा युद्ध में इसकी रणनीतिक और निरंतर हार का संकेत बताया है.

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