नईदुनिया एक्सक्लूसिव, रायपुर। प्रदेश के 45 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की शारीरिक शिक्षा और खेल गतिविधियों के लिए महज 2,800 व्यायाम शिक्षक कार्यरत हैं। इसके बावजूद प्रशिक्षित व्यायाम शिक्षकों की नियमित भर्ती करने के बजाय स्कूल शिक्षा विभाग अब सहायक शिक्षकों को 15 दिन की ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर उनसे यह जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रहा है। लंबे समय से नियमित भर्ती नहीं होने से बीपीएड और एमपीएड डिग्रीधारी हजारों युवा नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकारें विद्यार्थियों के समग्र विकास में शारीरिक शिक्षा, स्वास्थ्य, फिटनेस और खेलों की भूमिका पर जोर दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल और शारीरिक गतिविधियों को महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसे में स्कूलों में प्रशिक्षित व्यायाम शिक्षकों की कमी सवाल खड़े कर रही है।
पांच हजार की भर्ती में 154 पद भी हुए गायब
हाल ही में प्रदेश में करीब पांच हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया में व्यायाम शिक्षक के 154 पद बताए गए थे। बाद में इनको शैक्षणिक पदों में समायोजित कर दिया गया। इससे व्यायाम शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को झटका लगा है। वर्ष 2019 में हुई भर्ती में व्यायाम शिक्षक के 745 पद शामिल किए थे। इसके बाद करीब सात वर्षों से व्यायाम शिक्षक या पीईटी के पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
दूसरे राज्यों में भर्ती, छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षण का सहारा
एक ओर छत्तीसगढ़ में नियमित भर्ती का इंतजार लंबा होता जा रहा है, वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और तेलंगाना समेत कई राज्यों में पीटीआइ और व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार राजस्थान में करीब 1,700, मध्य प्रदेश में 2,000, उत्तर प्रदेश में 800 और पंजाब में करीब 5,000 पदों पर भर्ती की जा रही है। इन राज्यों में शिक्षक भर्ती के साथ पीटीआइ शिक्षक के पदों को भी शामिल किया जा रहा है।
प्रशिक्षित शिक्षक ही करा सकते हैं गुणवत्तापूर्ण शारीरिक शिक्षा
शारीरिक शिक्षा केवल व्यायाम या खेल कराने तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों की उम्र, क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार प्रशिक्षण, खेल तकनीक, फिटनेस, योग, प्राथमिक उपचार और शारीरिक गतिविधियों की जानकारी प्रशिक्षित शिक्षक ही बेहतर तरीके से दे सकते हैं। ऐसे में महज 15 दिन के प्रशिक्षण के बाद किसी अन्य शिक्षक से यह जिम्मेदारी निभवाने की व्यवस्था पर विशेषज्ञ भी सवाल उठा सकते हैं।
20 हजार से अधिक व्यायाम प्रशिक्षित युवा इधर
छत्तीसगढ़ शारीरिक शिक्षा व्यायाम प्रशिक्षित संघ के अध्यक्ष हेमंत सार्वा, सचिव मनोज यादव ने बताया कि प्रदेश में 20 हजार से अधिक युवा बीपीएड और एमपीएड डिग्रीधारी है। तत्कालीन 5,000 शिक्षक भर्ती में पहले 300 का पद व्यायाम शिक्षक, योग लिखकर शामिल किया गया था, लेकिन संभवत: योग सेटअप न होने के कारण उसमें से 146 पद समाप्त कर व्यायाम शिक्षक के 154 पद दिखाए गए, लेकिन अब वो पद सीधे-सीधे शैक्षणिक पद अंग्रेजी वालों को दिए गए।
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अब अंग्रेजी के 350 पद 504 हो गए। प्रदेश में सात वर्षों से नियमित भर्ती नहीं होने का असर व्यायाम शिक्षक बनने की योग्यता रखने वाले युवाओं पर पड़ रहा है। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थी अब आयु सीमा पार करने की कगार पर हैं।