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कोटवारी भूमि को शासन के खाते में दर्ज करने की कार्यवाही के दिए निर्देश,शासकीय भूमि के रिकार्ड में हेरफेर करने वालों पर करें कड़ी कार्यवाहीः कलेक्टर

कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों पर कार्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि रिकार्ड में हेरफेर कर शासकीय भूमि को अपने नाम पर करने वालों की जांच की जाएं। ऐसे मामलों में किसी शासकीय सेवक की भूमिकाओं की भी सूक्ष्मता से जांच करते हुए उन पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश कलेक्टर ने दिए। कलेक्टर ने हिट एंड रन तथा आरबीसी 6-4 अंतर्गत प्रकरणों में समय पर पटवारी प्रतिवेदन, अंतिम जांच रिपोर्ट मंगाने और हिट एंड रन के प्रकरणों में पीड़ितो को लाभन्वित करने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने में हो रही विलंब को दूर करने के निर्देश एसडीएम को देते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों से समन्वय कर समय पर रिर्पोट मंगाने के निर्देश दिए। वही कलेक्टर श्री वसंत ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में जिले में धान खरीदी की स्थिति और अवैध धान को बेचने से रोकने की दिशा में की जा रही कार्यवाही की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि धान खरीदी की स्थिति पर गंभीरता से नजर बनाये रखे। जो भी टोकन काटे जा रहे हैं उसका सत्यापन भी कराया जाएं। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच दल को सक्रिय रहने और कार्यवही के निर्देश दिए। कलेक्टर ने धान की रिसाइकिलिंग रोकने और अंतिम सप्ताह में धान विक्रय होने पर शत प्रतिशत टोकन सत्यापन होने की मुनादी गांव में कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि जो मूल किसान है उन्हें धान बेचने में किसी प्रकार की कोई समस्या न हो, राजस्व अधिकारी इस बात का ध्यान जरूर रखे। बैठक में कलेक्टर श्री वसंत ने कोटवारी भूमि की जानकारी ली। वही उन्होंने कोटवारी भूमि का किसी ने नामांतरण कराया है तो उनका नामान्तरण निरस्त करें और उसे पुनः शासन के खाते में दर्ज करें। कलेक्टर ने कहा कि कोटवारी भूमि का ट्रांजेक्शन अवैध है और उसका नामान्तरण भी अवैध है। उन्होंने सिंगल ट्रांजेक्शन वाले ऐसे प्रकरणों की जांच करने और रिकार्ड नहीं मिलने पर संबंधित के विरूद्ध कार्यवही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व के प्रभारी अधिकारी (ओआईसी) को निर्देशित किया कि ऐसे प्रकरणों की जानकारी लेकर जिस भूमि का नामान्तरण नहीं हो सकता उसे एक माह के भीतर तहसीलदारों के माध्यम से निरस्त कर शासन के खाते में वापस कराएं। कलेक्टर ने आगामी बैठक से पूर्व ऐसे प्रकरणों पर कार्यवाही के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे त्वरित और पारदर्शी तरीके से लंबित मामलों का समाधान करे। कलेक्टर ने अविवादित नामांतरण और बंटवारा के प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा करते हुए अविवादित नामांतरण और बंटवारा के मामलों का आवेदन दर्ज होने के के बाद निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विवादित नामांतरण और बंटवारा, भूमि व्यपवर्तन ,खाता विभाजन, नक्शा बटांकन की जानकारी ली। उन्होंने सीमांकन के प्रकरणों को दर्ज करने और दर्ज प्रकरणों का समय पर निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राजस्व के प्रभारी अधिकारी (ओआईसी) को मॉनीटरिंग करने और एक माह में प्रगति लाने के निर्देश दिए। वही उन्होंने ई-कोर्ट अंतर्गत लंबित प्रकरणों पर हो रही कार्यवाही की समीक्षा की और लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने त्रृटि सुधार, डिजीटल सिग्नेचर, किसान किताब, आधार सिडिंग, मसाहती ग्राम, स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टा वितरण सहित अन्य बिन्दुओं पर चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। वही बैठक में अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी, सभी एसडीएम, प्रभारी अधिकारी भू अभिलेख, अधीक्षक भू अभिलेख, सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित थे।

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