Cyber Dost: स्कैम से बचने के लिए करें ‘मुंह बंद आसन’, जालसाज नहीं लूट पाएंगे एक… – भारत संपर्क

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Cyber Dost: स्कैम से बचने के लिए करें ‘मुंह बंद आसन’, जालसाज नहीं लूट पाएंगे एक… – भारत संपर्क
Cyber Dost: स्कैम से बचने के लिए करें 'मुंह बंद आसन', जालसाज नहीं लूट पाएंगे एक भी रुपया

OTP स्कैम से बचने के लिए करें ‘मुंह बंद आसान’ (PC: Swati Jha)

अगर आपको किसी अनजान नंबर से कॉल आए और लुभावने ऑफर दिए जाएं, इसके बदले में OTP पूछा जाए तो आपको मुंह बंद आसन करना है. इसे आसान तरीके से समझिए. शेखर को एक अननोन कॉल आई, जिसमें कहा गया कि ये फोन उस प्रोडक्ट के लिए किया गया है, जो कल डिलीवर किया गया था. कॉल करने वाले ने खुद डिलीवरी मैनेजर बताया और शेखर को ऑफर दिया कि अगर वो फोन आया OTP बता देंगे तो लाइफटाइम डिलीवरी फ्री हो जाएगी. इस तरह की स्थिति में साइबर एक्सपर्ट मुंह बंद आसन करने की सलाह देते हैं.

मुंह बंद आसन क्या है? इस आसन में अगर कोई कॉल आए और OTP पूछा जाए तो, आपको दोनों हाथ मुंह में रखने हैं और मुंह बंद कर लेना है. किसी सामान की डिलीवरी के वक्त आपको जो OTP शेयर किया जाता है, वो ऑफिसियल होता है और उसका सोर्स, डिटेल आपको भेजे गए मैसेज पर लिखी होती है. इसे ठीक से पढ़ें और फिर भरोसा करें. इसके अलावा सामान डिलीवर हो जाने बाद अगर कोई आपसे OTP की डिमांड करे तो आपको जवाब नहीं देना है.

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OTP स्कैम कैसे काम करते हैं

ओटीपी स्कैम एक साइबर क्राइम है जिसमें जालसाज, यूजर्स को वन-टाइम पासवर्ड (OTP) शेयर करने के लिए उकसाते करते हैं ताकि उनके बैंक अकाउंट या दूसरे ऑनलाइन वॉलेट से पैसे चुरा सकें.

इसके लिए स्कैमर आपको फोन कॉल, टेक्स्ट मैसेज या ईमेल भेजते हैं. वो खुद को बैंक कर्मचारी, सरकारी अधिकारी या किसी दूसरे भरोसेमंद व्यक्ति के तौर पर पेश करते हैं. वो आपको बताते हैं कि आपके अकाउंट में कोई समस्या है या आपको किसी स्कीम का फायदा उठाने के लिए ओटीपी की जरूरत है. एक बार जब उन्हें आपका ओटीपी मिल जाता है, तो वो आपके अकाउंट को हैंडल कर सकते हैं और आपके पैसे चुरा सकते हैं.

ये OTP स्कैम हैं सबसे आम

बैंक कर्मचारी के नाम पर स्कैम- धोखेबाज खुद को बैंक कर्मचारी के रूप में पेश करते हैं और आपको बताते हैं कि आपके अकाउंट में कोई दिक्कत है. वे आपको अपना ओटीपी साझा करने के लिए कहते हैं ताकि वे समस्या को ठीक कर सकें.

यहां पढ़िए Cyber Dost के कान खुले आसन के बारे में

सरकारी अधिकारी के नाम पर स्कैम- इस तरह के स्कैम में घोटालेबाज खुद को सरकारी अधिकारी बताते करते हैं और कहते हैं कि आपको फलानी स्कीम के लिए OTM शेयर करने की जरूरत है. वो आपसे OTP मांगते हैं ताकि स्कीम को वेरीफाई किया जा सके.

ईमेल स्कैम- धोखेबाज ईमेल भेजते हैं जो किसी भरोसेमंद कंपनी की तरफ से भेजा गया लगता है. आपसे ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाएगा. जब आप लिंक पर क्लिक करेंगे, तो आपको फेक वेबसाइट पर ले जाया जाएगा, जो आपसे ओटीपी मांगेगी.

ओटीपी स्कैम से कैसे बचें

कभी भी किसी के साथ अपना ओटीपी शेयर न करें, भले ही वे खुद को किसी भी भरोसेमंद व्यक्ति के रूप में पेश करें.
बैंक या किसी दूसरे संस्थान से आए किसी भी कॉल, टेक्स्ट मैसेज या ईमेल को ठीक से चेक करें.
अगर आपको कोई शक है, तो सीधे बैंक या कंपनी से बात करें और उनसे पूछें कि क्या उन्हें सच में आपका ओटीपी चाहिए.
अपने बैंक अकाउंट और दूसरे ऑनलाइन अकाउंट के लिए स्ट्रॉन्ग पासवर्ड का इस्तेमाल करें.
फोन के ऐप्स और ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखें.

OTP स्कैम का शिकार होने पर क्या करें

1. तुरंत अपने बैंक या कंपनी से संपर्क करें.
2. अपने बैंक अकाउंट या दूसरे ऑनलाइन अकाउंट का पासवर्ड बदलें.
3. साइबर क्राइम की शिकायत दर्ज कराएं, इसके लिए आप 1930 डायल कर सकते हैं या फिर ऑफिशियल साइट पर कम्प्लेन दर्ज करवा सकते हैं.

ओटीपी स्कैम से बचने के लिए हर पल जागरूक रहना और सावधानी बरतना जरूरी है.

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