मेटल इंडस्ट्री का बाहुबली बनेगा अडानी ग्रुप, कंपनी ने अपने…- भारत संपर्क


उद्योगपति गौतम अडानीImage Credit source: File Photo : PTI
भारतीय अरबपति गौतम अडानी के समूह ने इंडस्ट्रियल मेटल के लिए दुनिया के सबसे बड़े सिंगल लोकेटर स्मेल्टर के लिए प्रति वर्ष 1.6 मिलियन टन तांबा खरीदने की डील पर साइन किया है. बता दें कि स्मेल्टर का मतलब होता है कि जिस प्रोसेस के जरिए अयस्क को धातू में बदला जाता है. अडानी नेचुरल रिसोर्सेज के सीईओ विनय प्रकाश के अनुसार, गुजरात के मुंद्रा में 1.2 अरब डॉलर की लागत वाली पहली 500,000 टन क्षमता की सुविधा अगले महीने अपना परिचालन शुरू करने जा रही है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि दशक के अंत तक भारतीय तांबे की मांग दोगुनी होने की भविष्यवाणी को पूरा करने के लिए मार्च 2029 तक इसे 1 मिलियन टन तक विस्तारित करने की योजना है.
खत्म हो रहे कंपनी के बुरे दिन
अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, पोर्ट-टू-पावर समूह की प्रमुख कंपनी, महत्वपूर्ण खनिजों में संसाधन सुरक्षा की मांग कर रही है और अब पूंजीगत खर्च फिर से शुरू कर रही है, क्योंकि जनवरी 2023 में शॉर्ट-सेलर हमले के बाद इसके शेयर स्थिर हो गए हैं. स्मेल्टर अभी शुरू हो रहा है वैश्विक तांबा बाजार में प्रोसेसरों द्वारा खनिकों से ली जाने वाली फीस में गिरावट का अनुभव हो रहा है, क्योंकि चारों ओर ले जाने के लिए पर्याप्त अयस्क नहीं है.
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बाजार का बाहुबली बनेगा अडानी ग्रुप
प्रकाश ने कहा कि उच्च परिचालन लागत और कम शुल्क के संयोजन का मतलब है कि वैश्विक स्तर पर स्मेल्टर और रिफाइनर उत्पादन में कटौती करने के लिए मजबूर हो सकते हैं. हमारा संयंत्र हाई क्वालिटी के मेटल रिकवरी के साथ कम लागत वाला प्रोडक्शन होगा और इससे हमें बाजार में बने रहने में मदद मिलेगी. प्रकाश ने सप्लायर्स का खुलासा किए बिना कहा कि कंसन्ट्रेट सौदे छोटी और लंबी अवधि की व्यवस्थाओं का मिश्रण होते हैं. अधिक खनन परियोजनाओं के कारण मध्यम से लंबी अवधि में सांद्र आपूर्ति बढ़ने की संभावना है.