आवा देख लेवा हमर स्मार्ट सिटी, बिलासपुर के 179 सड़क में सिर्फ गड्ढा, कब जागही सोए हावय प्रशासन
निगम की 150 और पीडब्ल्यूडी की 29 में से अधिकांश सड़कें बदहालHighLights
- बिलासपुर में निगम व पीडब्ल्यूडी की 179 सड़कें बदहाल।
- मरीमाई मार्ग पर 4 साल से नाली निर्माण अधूरा।
- बारिश थमते ही सभी सड़कों के निर्माण का दावा।
नईदुनिया बिलासपुर, क्रांती नामदेव: शहरी सीमा में नगर निगम की 150 और लोक निर्माण विभाग की 29 प्रमुख सड़कों में से अधिकांश का अस्तित्व गड्ढों में गुम हो चुका है। बारिश के दौरान दोनों विभागों के इन 179 रास्तों पर डामर अधिकांश जगहों पर उखड़ चुका है। जिम्मेदार एजेंसियों के लचर रवैये के कारण मुख्य मार्गों से लेकर रिहायशी इलाकों तक आवागमन दुर्घटना व जोखिम भरा होता जा रहा है।
सड़कों के वर्गीकरण और उनकी जिम्मेदारी को लेकर दोनों विभागों की विफलता सड़क पर साफ नजर आ रही है। नगर पालिक निगम के अधीन आने वाली मुख्य व अंदरूनी कालोनियों और कनेक्टिंग मार्गों की स्थिति बेहद दयनीय है। सत्यम चौक से मगरपारा मार्ग पर स्थानीय पार्षद का निवास होने के बावजूद सड़क चलने लायक नहीं रह गई है। मंदिर चौक से 27 खोली मार्ग उबड़-खाबड़ और जलभराव के चलते सड़क खतरनाक होती जा रही है।
वहीं लोक निर्माण विभाग की प्रमुख संपर्क मार्ग भी बदहाली का शिकार हैं। नेहरू चौक से दयालबंद और कलेक्टोरेट होते हुए सेफर स्कूल तक का संक्षिप्त हिस्सा छोड़ दें, तो बाकी मार्ग पर सफर करना किसी यातना से कम नहीं है। नेहरू चौक से इंदिरा सेतु और कुदुदंड से मंगला जाने वाला मुख्य मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है।
दोनों विभाग बारिश पूर्व मरम्मत के दावे करते रहे, लेकिन हकीकत में केवल गिट्टी डालकर खानापूर्ति की गई, जिससे फिसलन और दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
निगम की सड़कें: चार साल में नाली तक नहीं बनी नगर निगम के अधीन आने वाला मरीमाई मार्ग बीते चार साल से निर्माण की बांट जोह रहा है। निगम प्रशासन इस अवधि में सड़क किनारे नाली का काम तक पूरा नहीं करा सका। सत्यम चौक से मगरपारा और मंदिर चौक से 27 खोली जैसे घने रिहायशी इलाकों के मार्ग भी निगम की अनदेखी के शिकार होकर जर्जर पड़े हैं।
मरीमाई मार्ग की सड़क जो गड्ढो में तबदील हो चुकी हैं। वही नाली भी कई जगह अपूर्ण है-
पीडब्ल्यूडी के मार्ग: सेतु और मुख्य कनेक्टिंग रोड खस्ताहाल
पीडब्ल्यूडी के दायरे वाली 29 मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों का भी दबाव रहता है। नेहरू चौक से इंदिरा सेतु मार्ग और कुदुदंड से मंगला मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं। सेफर स्कूल के आगे का हिस्सा पूरी तरह बदहाल है। पीडब्ल्यूडी द्वारा समय पर डामरीकरण न करने से दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
निगम सीमा की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का वार्डवार सर्वे कराया जा चुका है। मरीमाई नाली निर्माण व सड़क निर्माण का टेंडर हो चुका है। बारिश थमते ही निगम की सभी प्रमुख और अंदरूनी सड़कों को गुणवत्ता के साथ बनाने का काम शुरू किया जाएगा। प्रकाश कुमार सर्वे, आयुक्त, नगर पालिक निगम बिलासपुर
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