बिहार: शिक्षा विभाग से ACS डॉ. एस सिद्धार्थ की विदाई, IAS बी. राजेंद्र को…

0
बिहार: शिक्षा विभाग से ACS डॉ. एस सिद्धार्थ की विदाई, IAS बी. राजेंद्र को…
बिहार: शिक्षा विभाग से ACS डॉ. एस सिद्धार्थ की विदाई, IAS बी. राजेंद्र को मिला प्रभार

आईएएस डॉ. एस सिद्धार्थ.

बिहार में एक बार फिर तबादला एक्सप्रेस चली है. राज्य के कई सीनियर IAS अधकारियों का तबादला कर दिया गया है. अब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव रहे डॉ. एस सिद्धार्थ को अब बिहार का विकास आयुक्त बनाया गया है. वहीं डॉ. एस. सिद्धार्थ के पास शिक्षा विभाग के एसीएस का अतिरिक्त प्रभार भी था. अब सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस डॉ. बी. राजेंद्र को शिक्षा विभाग के एसीएस का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. डॉ. एस. सिद्धार्थ से ये प्रभार भी वापस ले लिया गया है.

इसके अलावा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग की एसीएस हरजोत कौर को अब राजस्व परिषद का अध्यक्ष सह सदस्य बनाया गया है. इसी प्रकार गृह विभाग के एसीएस अरविंद कुमार चौधरी को अब मंत्रिमंडल सचिवालय का अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर अब पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे.

1991 बैच के IAS हैं डॉ. एस सिद्धार्थ

बता दें कि डॉ. एस सिद्धार्थ 1991 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के अलावा कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद पर भी थे. अब शिक्षा विभाग में उनकी जगह सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र को भेजा गया है. 1995 बैच के आईएएस अधिकारी बी. राजेंद्र काे शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. ये भी बता दें कि एक सितंबर से ही वर्तमान विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत राज्य के मुख्य सचिव बन जाएंगे. उनकी नियुक्त का आदेश सरकार पहले ही निकाल चुकी है.

विकास आयुक्त बनाए गए डॉ. एस सिद्धा

अब उनकी जगह आईएएस डॉ. एस सिद्धार्थ को बिहार का विकास आयुक्त बनाया गया है. हालांकि उनसे शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार क्यों वापस लिया गया, ये चर्चा राज्य के प्रशासनिक महकमे में जोरों-शोरों से हैं. बता दें कि अपने कार्यकाल के दौरान डॉ. एस. सिद्धार्थ ने शिक्षा विभाग में कई प्रभावशाली सुधार लागू किए. जैसे- मॉडल स्कूलों की स्थापना, शिक्षकों की ट्रेनिंग और शिकायतों का ऑनलाइन निवारण, लेकिन कुछ नीतियों, विशेषकर शिक्षकों के स्थानांतरण और सेवा शर्तों में सख्ती को लेकर वे आलोचना के केंद्र में भी रहे.

अचानक कर देते थे वीडियो कॉल

अक्सर देखा जाता था कि बिना किसी लाव लश्कर के आईएएस डॉ. एस सिद्धार्थ किसी भी स्कूल में जांच के लिए पहुंच जाते थे. यही नहीं किसी भी स्कूल के प्रधानाचार्य को अचानक वीडियो कॉल कर देते थे और वीडियो कॉल पर ही स्कूल की कक्षाएं, मिड-डे-मील इत्याति देखते थे. उनकी सख्ती के कारण स्कूलों के प्रधानाचार्य और टीचर सकते में रहते और समय पर ही स्कूल पहुंच जाया करते थे. सबके मन में एक डर बना रहता था कि न जाने आईएएस डॉ. एस सिद्धार्थ कब स्कूल आ धमकें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Teacher’s Day Gift Ideas 2025: टीचर्स के लिए अफोर्डेबल गिफ्ट आइडिया, देखते ही…| Success Story of IAS Pushpa Lata: नौकरी के साथ की बच्चे की परवरिश और परिवार भी…| ‘दीदी के गोठ‘ रेडियो कार्यक्रम का पूरे प्रदेश में प्रसारण,…- भारत संपर्क| बादल फटने जैसी आवाज, फिर छत उपर गिरी… लखनऊ ब्लास्ट में बचे शख्स ने सुनाई … – भारत संपर्क| Bihar: आधी रात के वक्त घर में घुसे 3 बदमाश, सोते हुए 2 बहनों का गला रेता……