बदल रहा छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव जिला, 57% महिलाएं चला रहीं इंटरनेट, 50% के पास मोबाइल, 95% के पास बैंक खाता

HighLights
- 10 वीं या अधिक शिक्षा प्राप्त महिलाओं का प्रतिशत बढ़ा
- 99.4 प्रतिशत परिवारों के पास बैंक या डाकघर खाता
- आयरन-फोलिक एसिड सेवन में बड़ी बढ़ोतरी
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (एनएफएचएस-6), 2023-24 के आंकड़ों में जिले के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव सामने आए हैं। मातृ स्वास्थ्य, स्वास्थ्य सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और शिशु स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख संकेतकों में एनएफएचएस-5 की तुलना में सुधार दर्ज किया गया है।
महिला सशक्तीकरण के मामले में तो उल्लेखनीय आंकड़े सामने आए हैं। महिला सशक्तीकरण के संकेतकों में भी बदलाव दर्ज हुआ है।
10 वीं या अधिक शिक्षा प्राप्त महिलाओं का प्रतिशत बढ़ा
10 वीं या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त महिलाओं का प्रतिशत 38.9 से बढ़कर 45.5 हुआ। जिले में 50.4 प्रतिशत महिलाएं स्वयं के उपयोग के लिए मोबाइल फोन रखती हैं। मोबाइल के अतिरिक्त अन्य माध्यमों से इंटरनेट का उपयोग कर चुकी महिलाओं का प्रतिशत 31.6 से बढ़कर 57.0 जा पहुंचा है।
99.4 प्रतिशत परिवारों के पास बैंक या डाकघर खाता
वहीं 95.3 प्रतिशत महिलाएं अपने बैंक या बचत खाते का स्वयं उपयोग करती हैं। जिले में स्वास्थ्य बीमा और वित्तीय सुरक्षा योजनाओं से आच्छादित परिवारों का प्रतिशत 80.8 से बढ़कर 94.9 हो गया है। 99.4 प्रतिशत परिवारों के पास बैंक या डाकघर खाता है।
मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में 99.4 प्रतिशत माताओं को कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच मिली, जबकि 85.1 प्रतिशत माताओं ने चार या अधिक प्रसव पूर्व जांच पूरी की। पहली तिमाही में प्रसव पूर्व जांच कराने वाली माताओं का प्रतिशत भी 79.8 से बढ़कर 83.4 हुआ है।
आयरन-फोलिक एसिड सेवन में बड़ी बढ़ोतरी
गर्भावस्था के दौरान 100 दिन या उससे अधिक आयरन-फोलिक एसिड लेने वाली माताओं का प्रतिशत 52.7 से बढ़कर 81.1 हो गया। 180 दिन या उससे अधिक सेवन करने वाली माताओं का प्रतिशत 28.1 से बढ़कर 59.6 पहुंचा। दोनों संकेतकों में क्रमश: 28.4 और 31.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई।
84.2 प्रतिशत बच्चे पूर्ण टीकाकृत
एनएफएचएस-6 के अनुसार 12 से 23 माह आयु वर्ग के 84.2 प्रतिशत बच्चे पूर्ण टीकाकृत पाए गए। इस आयु वर्ग में पोलियो की तीन खुराक 90.5 प्रतिशत, पेंटावेलेंट की तीन खुराक 89.7 प्रतिशत और एमसीवी की पहली खुराक 92.2 प्रतिशत बच्चों को मिली।
शिशु पोषण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है। जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराने वाली माताओं का प्रतिशत 20.1 से बढ़कर 61.5 हो गया। यानी इसमें 41.4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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