₹2000 के नोट बंद होने का बैंक से लेकर जनता तक हुआ ये असर |…- भारत संपर्क


चलन से बाहर हो चुके हैं 2000 रुपए के नोट
देश में अब 2000 के नोट बंद हो चुके हैं. हालांकि इनकी कानूनी वैधता को अभी खत्म नहीं किया गया है, लेकिन अब इनसे खरीदारी करना लगभग ना मुमकिन हो चुका है. आरबीआई ने पिछले साल ही इन नोटों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. ऐसे में आम जनता से लेकर बैंक और इकोनॉमी पर आरबीआई के इस फैसले का क्या असर हुआ? खुद आरबीआई की ओर से इसकी डिटेल दी गई है.
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का कहना है कि 2,000 रुपए मूल्य के बैंक नोट को चलन से हटाने का असर दिखने लगा है. नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक देश में नौ फरवरी को समाप्त सप्ताह में सर्कुलेशन में रहने वाले नोटों की संख्या (करेंसी इन सर्कुलेशन) में ग्रोथ 3.7 प्रतिशत रह गई है, जबकि एक साल पहले ये 8.2 प्रतिशत थी.
इसको आसान भाषा में समझें तो करेंसी इन सर्कुलेशन का मतलब इकोनॉमी चल रहे कुल नोट और सिक्कों से है. जबकि इसमें से जब बैंकों के पास जमा नकदी को घटा दिया जाता है, तो पता चलता है कि जनता के हाथ में कितनी करेंसी है.
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बढ़ गया बैंकों का डिपॉजिट
आरबीआई के मुताबिक 2000 रुपए के नोट बंद होने का बैंकों पर असर ये हुआ कि कमर्शियल बैंकों के टोटल डिपॉजिट में डबल डिजिट ग्रोथ देखी गई है. बैंकों की रिजर्व करेंसी में ग्रोथ 9 फरवरी को घटकर 5.8 प्रतिशत रह गई है, जो एक साल पहले 11.2 प्रतिशत थी. रिजर्व करेंसी में करेंसी इन सर्कुलेशन के साथ-साथ आरबीआई के पास पड़े बैंकों के डिपॉजिट और अन्य जमा शामिल होती है.
19 मई से 7 अक्टूबर तक दिया वक्त
केंद्रीय बैंक ने 19 मई 2023 को 2,000 रुपए के नोट चलन से वापस लेने का ऐलान किया था. इसके लिए जनता को 30 सितंबर 2023 तक का वक्त दिया गया थ. बाद में इसे 7 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया. इसके बाद बैंकों में नोट बदलने का काम खत्म कर दिया गया और अब जनता डाक के माध्यम से या आरबीआई के दफ्तरों पर ही इन्हें बदल सकती है.
31 जनवरी 2024 तक 2,000 रुपए के लगभग 97.5 प्रतिशत नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गए हैं. केवल 8,897 करोड़ रुपए मूल्य के 2,000 रुपए के नोट अब जनता के पास हैं. 19 मई 2023 को कारोबार की समाप्ति पर सर्कुलेशन में 2,000 रुपए के बैंक नोटों का कुल मूल्य 3.56 लाख करोड़ रुपये था.