*Big Breaking jashpur:- अंध विश्वास के कारण सगे जेठ ने ही अपनी नवनिर्वाचित…- भारत संपर्क

जशपुरनगर,कोतबा:-कल यानी मंगलवार के दोपहर साढ़े 12 बजे तुमला थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत डोंगादरहा के पूर्व सरपंच संघ के अध्यक्ष उत्तम सिदार की पत्नी नवनिर्वाचित सरपंच प्रभावती सिदार की नहाने के दौरान गला रेंतकर निर्मम हत्या कर दी गई थी.इस घटना से समूचे जशपुर में सनसनी फैल गई थी.घटना के बाद पुलिस को कुछ घंटे कोई सुराग नही मिले थे.जिससे मामला और बड़ा हो गया था.लेकिन पुलिस की सक्रियता से चंद घंटे में खुलासा हो गया था.मामले में आरोपी जेठ पुस्तम सिंह सिदार उम्र 42 साल निवासी डोंगादरहा चौकी कोल्हेनझरिया थाना तुमला जिला जशपुर (छ.ग.) ने अपने परिवार के लोगो को लगातार बीमार रहने और अंधविश्वास व पारिवारिक ईर्ष्या से घटना को अंजाम दिया जिससे अपनी भाई की पत्नी मृतिका- श्रीमती प्रभावती बाई उम्र 38 साल निवासी डोंगादरहा चौकी कोल्हेनझरिया थाना तुमला जिला जशपुर (छ.ग) को धारदार टांगी से गला में ताबड़तोड़ हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 02.04.2025 को प्रार्थी उत्तम सिदार उम्र 40 साल निवासी डोंगादरहा ने चौकी कोल्हेनझरिया थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराया कि यह दिनांक 01.04.2025 के लगभग 09 बजे मोटर सायकल मरम्मत करवाने घर से निकला था, लगभग 12ः20 बजे इसे इसकी पुत्री ने सूचना दिया कि घर के सिन्टेक्स टंकी के पास इसकी पत्नी श्रीमती प्रभावती बाई के सिर, गले में अज्ञात आरोपी ने धारदार हथियार से वार कर गंभीर चोंट पहुंचाया है, जिसे ईलाज हेतु कोतबा अस्पताल लेकर आये हैं, वहीं पर पहुचने हेतु कहने पर प्रार्थी के कोतबा अस्पताल में पहुंचने पर देखा कि उसकी पत्नी की मृत्यू हो चुकी है। मर्ग जाॅंच एवं पी.एम. रिपोर्ट में मृतिका की मृत्यू हत्या करने से होना पाये जाने पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध बी.एन.एस. की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह द्वारा उक्त अंधे कत्ल के आरोपी की पतासाजी हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी पत्थलगांव श्री ध्रुवेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में टीम गठित कर पतासाजी हेतु रवाना किया गया, टीम में सायबर सेल, डाॅग स्कवायड एवं फारेंसिक एक्सपर्ट को भी सम्मिलित किया गया।
पुलिस टीम को विवेचना के दौरान ज्ञात हुआ कि मृतिका नव निर्वाचित सरपंच है, उसकी 02 पुत्री हैं। घटना दिनांक के प्रातः लगभग 09 बजे मृतिका के पति उत्तम सिदार अपनी मोटर सायकल मरम्मत करवाने घर से बाहर किसी दुकान पर गये थे। मृतिका की दोनों पुत्री घर में थी उसी दौरान लगभग 09ः30 बजे पुत्री के बुआ की लड़की का फोन आया और वो बताई कि बस से आ रही हुं, लेने के लिये आओ तो दोनों बहनें घर से निकलकर बस का इंतजार करने के लिये रोड तरफ आ गई वो 12 बजे तक इंतजार की, परंतु उसकी बुआ की लड़की नहीं आई। उसी समय बुआ की लड़की ने उन्हें फोन कर बताया कि वो उसे अप्रैल फूल बना रही थी। इसके पश्चात् दोनों पुत्री घर में आ गये और माॅं को ढूंढते हुये घर के पीछे सिन्टेक्स टंकी के पास जाकर देखे तो उसकी माॅं घायल अवस्था में थी, उसके सिर, गले पर चोंट का निषान था, एवं परिजनों की सहायता से उसे ईलाज हेतु कोतबा अस्पताल में ले जाया गया था जहां उसकी मृत्यू हो गई।
चूंकि हत्या महिला सरपंच की हुई थी, पूरे इलाके में सनसनी फैल गया था और कई लोग इसे राजनैतिक प्रतिस्पर्धा पर हत्या का एंगल कह रहे थे। पुलिस ने इस मामले की जाॅंच हेतु कई एंगल रखे थे, उसमें एक एंगल यह भी था। पुलिस की टीम घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद ही समझ गई थी कि इस घटना में बाहर का व्यक्ति सम्मिलित नहीं है, क्योंकि घर के एक ही आंगन में उसकी जेठानी रहती है, उस दौरान हुई हत्या में बीच-बचाव करने जरूर आई होती। बाहर के व्यक्ति अगर घटना में सम्मिलित होता तो उसे कोई न कोई घर में प्रवेष करते हुये जरूर देखा होता। पुलिस द्वारा शक का दायरा परिवारवालों के उपर ही केन्द्रीत कर जेठानी से कड़ाई से पूछताछ करने पर वह पुलिस को गुमराह करते हुये स्वयं के द्वारा हत्या करना बता रही थी। पुलिस द्वारा उसके शारीरिक रूप से कमजोर होने एवं बीमार होने पर उक्त जघन्य अपराध को अंजाम की स्टोरी पर सहज विष्वास नहीं कर रही थी। उसके द्वारा हत्या करने की बात अपने पति को बताई तो वह 02 झापड़ मार दिया।
आरोपी पुस्तम सिंह सिदार को अभिरक्षा में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि उसकी बहु से पुराना विवाद चल रहा था, मृतिका के अंधविष्वास करने से उसके परिवार के सदस्यों की तबियत हमेशा खराब रहती थी, मृतिका हमेशा उसके परिवार का मजाक उड़ाती थी। कुछ दिन पूर्व में वह परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश किया था एवं पत्नी एवं 03 पुत्रियों को जहर देकर मारने की सोचा था। इसी बात से वह घटना दिनांक को मौका पाकर घर में रखे कुल्हाड़ी लेकर मृतिका के घर गया और उसे टांगी से वारकर हत्या कर दिया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त टांगी को जप्त किया गया है। आरोपी के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर उसे दिनांक 02.04.2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
प्रकरण की विवेचना कार्यवाही एवं आरोपी को गिरफ्तार करने में एसडीओपी पत्थलगांव श्री ध्रुवेश कुमार जायसवाल, निरीक्षक कोमल नेताम, सउनि. टी.आर. सारथी, प्र.आर. विनोद राम, आर. 229 शिवकुमार महतो, म.आर. सरोज इत्यादि का योगदान रहा है।
मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि – महिला सरपंच की हत्या करने के आरोपी को पुलिस टीम द्वारा अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से जाॅंच कर 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया है, पुलिस टीम के अतिषीघ्र मामले का खुलासा करने पर उन्हें नगद ईनाम से पुरष्कृत किया गया है।