छत्तीसगढ़ के बैंकों में सुरक्षित नहीं रकम, 20 साल में 70 करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी, देखें घोटालों से लेकर चोरी तक की पूरी लिस्ट
20 साल में 70 करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी, फोटो-एआई जनरेटेडHighLights
- एक दर्जन से ज्यादा बैंकों में चोरी
- कहीं खातों से करोड़ों गायब
- कहीं लॉकर से जेवर चोरी
, रायपुर। बैंकों में जमा रकम और लॉकर में रखे जेवर को लोग अपनी जीवनभर की कमाई का सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। लेकिन राजधानी में सामने आए बैंक घोटालों और ठगी के मामलों ने इस भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले करीब 20 वर्षों में एक दर्जन से ज्यादा बैंकों में चोरी, गबन और धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। इनमें 70 करोड़ रुपये से अधिक की रकम फंसने की बात सामने आई है।
कहीं सरकारी रकम फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दी गई, तो कहीं बैंक कर्मचारियों ने ग्राहकों की एफडी की रकम ही हड़प ली। कई मामलों में आरोपित गिरफ्तार हुए, लेकिन पीड़ितों को अब तक अपनी रकम और जेवर वापस नहीं मिल सके हैं।
शहर के बड़े बैंक घोटाले और ठगी के मामले
1. इंदिरा प्रियदर्शिनी बैंक घोटाला: 22 हजार खाताधारक प्रभावित
वर्ष 2006 में टैगोर नगर स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी महिला नागरिक सहकारी बैंक में घोटाला सामने आया था। करीब 22 हजार खाताधारकों की रकम प्रभावित हुई। तत्कालीन बैंक प्रबंधक उमेश सिन्हा समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। करीब 22 करोड़ रुपये की रकम से जुड़ा यह मामला अब भी न्यायिक प्रक्रिया में है।
2. एक्सिस बैंक: मंडी बोर्ड के 16.40 करोड़ रुपये फर्जी खातों में
मार्च 2022 में डूंडा स्थित एक्सिस बैंक शाखा से जुड़ा घोटाला सामने आया। आरोप है कि बेंगलुरु और पुणे के ठगों ने फर्जी दस्तावेज और खाते तैयार कर मंडी बोर्ड की 16.40 करोड़ रुपये की सरकारी रकम 26 खातों में ट्रांसफर कर दी। मामले में बैंक के दो प्रबंधकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
3. आइडीबीआइ बैंक: ब्लैंक चेक लेकर 40 लाख का गबन
सिलतरा-बरौदा शाखा के कर्मचारी राजा खुटे पर आरोप है कि उसने एफडी कराने के नाम पर पति-पत्नी से ब्लैंक चेक लिए और फर्जी पावती दी। इसके बाद 2023 से 2025 के बीच 40 लाख रुपये अपने और साथियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
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4. यूनियन और इंडियन ओवरसीज बैंक: फर्जी दस्तावेजों से 25 होम लोन
वर्ष 2019 में खमतराई क्षेत्र में यूनियन बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक से जुड़े करीब 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया। फर्जी रजिस्ट्री, जमीन के दस्तावेज और रेलवे कर्मचारियों के कागजात के आधार पर करीब 25 होम लोन लिए गए। पुलिस ने रायपुर, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया था।
5. यूनियन बैंक: सिक्कों की फर्जी प्रविष्टि से 5.59 करोड़ का गबन
जून 2022 में राजेंद्र नगर स्थित यूनियन बैंक के कैशियर किशन बघेल पर बैंक रिकार्ड में 10 रुपये के सिक्कों की फर्जी प्रविष्टियां कर 5.59 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगा। रकम रिश्तेदारों के सात खातों में ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई थी। आरोपित कई महीने फरार रहने के बाद कोर्ट में पेश हुआ। बैंक को रकम वापस मिलने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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6. एसबीआई लॉकर से 14 दंपती के जेवर गायब
वर्ष 2015 में एमजी रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के लाकर से 14 दंपती के लाखों रुपये के जेवर गायब हो गए थे। इनमें ममता चौदहा के लाकर से जेवर गायब होने का मामला भी शामिल था। बैंक के सुरक्षित माने जाने वाले लाकर कक्ष में हुई इस घटना के बाद भी संबंधित जेवर वापस नहीं मिल सके।
7. पांच साल बाद भी 50 लाख के जेवर का पता नहीं
आजाद चौक स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के लाकर से सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश खरे के करीब 50 लाख रुपये के जेवर गायब होने का मामला भी लंबे समय से अनसुलझा है। दिसंबर 2021 में जब वे अपने जेवर निकालने बैंक पहुंचे तो लाकर खाली मिला। जीवनभर की कमाई से खरीदे गए जेवर बैंक में सुरक्षित रखने के बावजूद नहीं मिले।
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