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कोरिया जिले की दुर्गावती भारती के स्थायी जाति प्रमाणपत्र आवेदन पर निर्णय नहीं होने पर हाईकोर्ट ने राहत दी। पिता और भाई को प्रमाणपत्र मिल चुका था, फिर भी SDM 1950 से पहले का दस्तावेज मांग रहे थे। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय ने 2013 के अधिनियम के तहत 6 महीने में निर्णय लेने और दस्तावेज न होने पर असमर्थता प्रमाणपत्र लेने का निर्देश दिया।
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