छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की दस्तक… 4 साल का बच्चा H1N1 पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, घर-घर सर्वे शुरू

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की दस्तक… 4 साल का बच्चा H1N1 पॉजिटिव
HighLights
- छुईखदान के कन्डरापारा में 4 वर्षीय बालक हुआ H1N1 पॉजिटिव
- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर सर्वे और सैंपल लिए
- बीएमओ डॉ. मनीष बघेल ने लक्षण दिखने पर जांच कराने की अपील की
नईदुनिया प्रतिनिधि, खैरागढ़। छुईखदान के वार्ड नंबर 9, कन्डरापारा क्षेत्र में स्वाइन फ्लू (H1N1) का एक मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग द्वारा क्षेत्र में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अस्पताल में भर्ती के दौरान हुई पुष्टि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कन्डरापारा निवासी उद्धव चंद्राकर के 4 वर्षीय सुपुत्र कन्हैया चंद्राकर को तबीयत बिगड़ने पर संजीवनी अस्पताल, राजनांदगांव में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने जब उसकी जांच कराई, तो बालक की रिपोर्ट H1N1 वायरस (स्वाइन फ्लू) पॉजिटिव आई। बालक का इलाज फिलहाल जारी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर जाकर लिए सैंपल
मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. मनीष बघेल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम तुरंत एक्शन में आई। इस टीम में लैब टेक्नीशियन अखिल वर्मा, सुपरवाइजर रोहित साहू और स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल थे। टीम ने पीड़ित बालक के घर पहुंचकर परिवार के सभी सदस्यों की मेडिकल जांच की और सुरक्षा के लिहाज से उनके सैंपल लिए।
कन्डरापारा में घर-घर सर्वे और स्वास्थ्य शिक्षा
संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा पूरे वार्ड और आस-पास के क्षेत्र में सघन ‘डोर-टू-डोर’ (घर-घर) सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। टीम ने क्षेत्र में सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की जानकारी जुटाई। इसके साथ ही, ग्रामीणों को स्वाइन फ्लू से बचने और सुरक्षित रहने के उपाय बताते हुए स्वास्थ्य शिक्षा दी गई।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: लक्षणों को न करें नजरअंदाज
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष बघेल और उनकी टीम ने क्षेत्रवासियों सहित आम जनता से अपील की है कि वे स्वाइन फ्लू को लेकर पैनिक (परेशान) न हों, बल्कि सतर्क रहें। यदि किसी भी व्यक्ति को सर्दी, खांसी, तेज बुखार, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो वे इसे सामान्य मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें।
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ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपनी जांच कराएं और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उचित उपचार शुरू करें।