नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के हजारों युवाओं के लिए वन विभाग में रोजगार का रास्ता खुल गया है। विभाग में रिक्त 1484 वनरक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया को तेज करते हुए लिखित परीक्षा की तारीख तय कर दी गई है। 13 दिसंबर 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।
शारीरिक मापदण्ड एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने वाले 16,762 अभ्यर्थी अब लिखित परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा की तारीख तय होने के बाद अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए स्पष्ट समयसीमा मिल गई है।
केदार कश्यप के प्रयासों से भर्ती प्रक्रिया में तेजी
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के विशेष प्रयासों और भर्ती प्रक्रिया की लगातार समीक्षा के बाद लंबित मामलों का तेजी से निराकरण किया गया है। इसके बाद लिखित परीक्षा का कार्यक्रम समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप दिया गया।
मंत्री केदार कश्यप ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस भर्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से जल्द पूरा करने पर जोर दिया है। विभाग की ओर से अब लिखित परीक्षा को निर्धारित मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
युवाओं के परिश्रम का सम्मान: केदार कश्यप
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवा लंबे समय से वनरक्षक भर्ती के अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वे पूरी लगन के साथ परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। सरकार युवाओं के परिश्रम, सपनों और आकांक्षाओं का सम्मान करती है।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी हो और योग्य युवाओं को जल्द रोजगार के साथ प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिले। लिखित परीक्षा की तारीख घोषित होने से अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए एक निश्चित लक्ष्य भी मिल गया है।
नौकरी के साथ वन संपदा की सुरक्षा की जिम्मेदारी
केदार कश्यप ने कहा कि वनरक्षक का पद केवल रोजगार हासिल करने का माध्यम नहीं है। यह प्रदेश की अमूल्य वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा में योगदान देने का अवसर भी है। चयनित अभ्यर्थी अपने भविष्य को संवारने के साथ छत्तीसगढ़ के वनों, जैव विविधता और वन्यजीवों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने बताया कि वन विभाग की मैदानी व्यवस्था में वनरक्षक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वनों की सुरक्षा से लेकर वन्यजीव संरक्षण, अवैध कटाई पर रोक, वन अपराधों पर नियंत्रण और स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय जैसे कार्यों में वनरक्षकों की अहम जिम्मेदारी रहती है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी बढ़ेगी क्षमता
वन मंत्री ने कहा कि विशेष रूप से कभी नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति और विकास का दायरा बढ़ने के साथ वन प्रबंधन एवं संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां भी विस्तारित हो रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में वन विभाग की जमीनी क्षमता को मजबूत करना जरूरी है।
1484 नए वनरक्षकों की नियुक्ति से वन क्षेत्रों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा, जैव विविधता संवर्धन, वन अपराधों की रोकथाम और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
मेरिट के आधार पर होगा चयन
वन मंत्री केदार कश्यप ने अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया को लेकर आश्वस्त करते हुए कहा कि चयन निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट आधारित होगा। प्रत्येक योग्य अभ्यर्थी को समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता के लिए कोई स्थान नहीं होगा।
13 दिसंबर 2026 को होने वाली लिखित परीक्षा निर्धारित मानकों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और पारदर्शी प्रक्रियाओं के अनुरूप आयोजित की जाएगी। शारीरिक मापदण्ड एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा पास कर चुके 16,762 अभ्यर्थी अब इस चरण में शामिल होंगे।
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1484 नियुक्तियों से मजबूत होगा वन विभाग
वनरक्षक के 1484 पदों पर नियुक्ति से वन विभाग की मैदानी क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार होगा। इससे वन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ वन्यजीवों और जैव विविधता के संरक्षण को भी गति मिलेगी।
राज्य सरकार रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने और युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि युवाओं को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने और प्रदेश की वन संपदा को मजबूत सुरक्षा देने के उद्देश्य से भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।