बदलते मौसम में हो गई है खांसी और खराश, दादी मां के ये नुस्खे दिलाएंगे झटपट आराम!…


खांसी और खराश से राहत पाने के लिए देसी नुस्खे.Image Credit source: freepik
सर्दियां लगभग खत्म हो चुकी हैं और अब गुलाबी धूप से मौसम में गर्माहट आनी शुरू हो गई है. इस बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और गले में खराश होना आम बात होती है. ऐसे में बार-बार दवाएं लेना सही नहीं माना जाता है. देसी नुस्खे बड़ों से लेकर बच्चों तक के लिए फायदेमंद रहते हैं और इनके कोई खास साइड इफेक्ट भी देखने को नहीं मिलते हैं. अगर आप भी खराश और खांसी जैसी समस्याओं से परेशान हैं तो दादी-नानी के सुझाए कुछ पुराने नुस्खे काम आ सकते हैं.
बदलते मौसम में दिनचर्या और खानपान में भी बदलाव आता है और वहीं ठंड-गर्म टेम्परेचर की वजह से जुकाम के साथ ही गले में खराश, दर्द की समस्या भी काफी परेशान करती है. तो चलिए जान लेते हैं कुछ नुस्खे जो आपको इन समस्याओं से राहत दिला सकते हैं.
शहद और अदरक का नुस्खा
गल में खराश, खांसी, सीने में जकड़न जैसी समस्याओं में अदरक और शहद काफी फायदेमंद रहते हैं, क्योंकि इन दोनों ही चीजों में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाते हैं और गले के दर्द और सूजन से भी राहत मिलती है. इसके लिए अदरक का रस एक छोटे चम्मच और थोड़ा सा शहद मिलाकर सोने से पहले ले सकते हैं तो काफी राहत मिलती है. ये नुस्खा सूखी खांसी में काफी आराम दिलाता है.
नमक के पानी से करें गरारे
गले में दर्द और खराश से राहत पाने के लिए नमक के गुनगुने पानी से गरारा करना सबसे पुराने नुस्खों में से एक है. अगर आपके भी गले में खराश है तो दिन में तीन से चार बार नमक के गुनगुने पानी से गरारा करने से राहत मिलेगी.
लौंग, अदरक, तुलसी की बना काढ़ा
पुराने समय से ही खराश-खांसी और जुकाम जैसी समस्याओं के लिए लौंग, अदरक और तुलसी का बना काढ़ा काफी फायदेमंद माना जाता है. इन तीनों ही चीजों में औषधीय गुण पाए जाते हैं. इसमें स्वाद के लिए हल्का सा नमक डाल सकते हैं जो कफ को हटाने का भी काम करेगा.
भुनी हल्दी दिलाएगी जल्द आराम
खांसी और गले की खराश से परेशान हैं तो थोड़ी सी हल्दी को हल्की आंच पर भून लें और इसे गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं. इससे काफी जल्दी आराम मिलता है. हल्दी में पाए जाने वाले गुण रेस्पिरेटरी इंफेक्शन को कम करने में कारगर होते हैं. वहीं अगर बार-बार खांसी आ रही हो तो दो लौंग को कुछ देर दांत के नीचे दबाकर रखने से आराम मिलता है.