Delhi Government Fellowship 2025: दिल्ली सरकार देगी 50 हजार रुपए महीने फेलोशिप,…


चयन इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा.
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Tourism and Heritage Program: दिल्ली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नए सिरे से दुनिया के सामने पेश करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक नई पहल शुरू की है. सरकार ने टूरिज्म एंड हेरिटेज फेलोशिप प्रोग्राम शुरू करने का ऐलान किया. इस प्रोग्राम के तहत हर साल 40 युवाओं को फेलोशिप दी जाएगी, जिसमें उन्हें प्रति माह 50 हजार रुपए मानदेय मिलेगा.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को आत्मनिर्भर भारत के विजन से जोड़ते हुए कहा कि यह पहल न केवल युवाओं को मौके देगी, बल्कि दिल्ली को एक जीवंत, समावेशी और विश्वस्तरीय पर्यटन हब के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगी. उनके मुताबिक, इस फेलोशिप के तहत चुने गए युवा सीधा सरकारी परियोजनाओं पर काम करेंगे और शहर की विरासत और पर्यटन विकास से सीधे तौर पर जुड़े होंगे.
कहां और कैसे मिलेगा मौका?
यह कार्यक्रम दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) चलाएगा. फेलोशिप पाने वाले युवाओं को कई तरह के कामों में मौका मिलेगा. इनमें विरासत भ्रमण (हेरिटेज वॉक), गाइडेड टूर, डिजिटल और प्रचार सामग्री तैयार करना, दिल्ली हाट और गार्डन ऑफ फाइव सेंसिस का संचालन, फिल्म शूटिंग समन्वय, पर्यटन सूचना केंद्रों का प्रबंधन, इवेंट मैनेजमेंट, सम्मेलन व प्रदर्शनियों का आयोजन शामिल है.युवा इन कामों के जरिए न सिर्फ शहर की धरोहर को नजदीक से समझेंगे, बल्कि उसे और आकर्षक तरीके से देश-दुनिया तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाएंगे.
कौन कर सकता है आवेदन?
- उम्र 35 वर्ष से कम होनी चाहिए.
- न्यूनतम योग्यता स्नातक डिग्री या उसके बराबर.
- पर्यटन में डिग्री या परास्नातक को प्राथमिकता मिलेगी.
- आवेदक के पास कम-से-कम 1 साल का औपचारिक अनुभव पर्यटन या संबंधित क्षेत्र में होना चाहिए.
- हिंदी और अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ और डिजिटल कौशल जरूरी हैं.
- चयन इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा. साक्षात्कार का आयोजन 18 सितंबर को किया जाएगा.
इस डेट तक कर सकते हैं अप्लाई
फेलोशिप प्रोग्राम के लिए अभ्यर्थी 8 सितंबर तक स्पीड पोस्ट के जरिए आवेदन कर सकते हैं. फेलोशिप की अवधि एक साल की होगी. कार्यक्रम पूरा करने के बाद कैंडिडेट्स को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा.दिल्ली न सिर्फ देश की राजधानी है, बल्कि यहां की गलियों, स्मारकों और बाजारों में सदियों की ऐतिहासिक झलक मिलती है. ऐसे में इस तरह का कार्यक्रम युवाओं को नौकरी और कौशल विकास का अवसर देगा. साथ ही दिल्ली की विरासत को और व्यवस्थित तरीके से लोगों तक पहुंचाने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगा.
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