चुनाव से पहले बढ़ेगी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, सरकार लेगी…- भारत संपर्क

वैसे तो केंद्र सरकार हर साल ही दो बार केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा करती है. यह इजाफा महंगाई भत्ते के रूप में जुलाई और जनवरी के महीने में किया जाता है. लेकिन मौजूदा साल चुनावी है. अगले एक महीने में चुनाव का नोटिफिकेशन आ जाएगा. ऐसे में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स (दोनों की कुल संख्या मिलाकर एक करोड़ है) दोनों को ही महंगाई भत्ते का बेसब्री से इंतजार है.
वैसे सीपीआई-आईडब्ल्यू के जिस तरह के आंकड़ें देखने को मिले हैं, उससे लगता है कि इस बार महंगाई भत्ते में 4 फीसदी का इजाफा हो सकता है. जिसके बाद कुल महंगाई भत्ते का आंकड़ां 50 फीसदी तक पहुंच सकता है. मौजूदा समय में महंगाई भत्ता 46 फीसदी है. पिछली बार भी महंगाई भत्ते में 4 फीसदी का इजाफा देखने को मिला था.
मौजूदा समय में महंगाई भत्ता 7वें वेतन आयोग के तहत दिया जाता है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर देश के एक करोड़ से ज्यादा लोगों को महंगाई भत्ता/महंगाई राहत कितनी मिलती है?
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कितनी हो सकती है डीए/डीआर बढ़ोतरी
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन इंडस्ट्रीयल वर्कर्स के नए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई-आईडब्ल्यू) के आधार पर होगी. श्रम मंत्रालय की ब्रांच श्रम ब्यूरो हर महीने सीपीआई-आईडब्ल्यू डाटा प्रकाशित करता है. केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है. क्या है फॉर्मूला:
7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]
ध्यान रखें कि यह फॉर्मूला उन केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स पर लागू होगा जिन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन मिलता है.
डीए फीसदी में = (392.83-261.42)/261.42×100 = 50.26
पिछले 12 महीनों का औसत सीपीआई-आईडब्ल्यू 392.83 है. फॉर्मूले के मुताबिक, डीए बेसिक सैलरी 50.26 फीसदी आ रहा है. इसलिए, केंद्र सरकार महंगाई भत्ते को 50 फीसदी तक बढ़ा सकती है.
वर्तमान में, केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को क्रमशः 46 फीसदी महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (डीआर) मिलती है. केंद्र सरकार ने पिछली डीए बढ़ोतरी की घोषणा 18 अक्टूबर, 2023 को की थी. यह 1 जुलाई, 2023 से प्रभावी थी. तो अब, केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए डीए और डीआर में 4 फीसदी की बढ़ोतरी होने की संभावना है. यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2024 से प्रभावी होगी.
कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?
सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ता और महंगाई राहत मिलती है. महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के सैलरी का ही एक पार्ट है. इसका उद्देश्य महंगाई के प्रभाव को कम करना है. इसमें सरकारी कर्मचारियों के प्रभावी वेतन को समय-समय पर रिवाइज्ड किया जाता है.
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए, डीए में बढ़ोतरी से उनकी टेक-होम सैलरी बढ़ जाती है. आइए इसे एक उदाहारण से समझने की कोशिश करते हैं. अगर किसी केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्रति माह 53,500 रुपए है. ऐसे में 46 फीसदी के हिसाब से मौजूदा समय में महंगाई भत्ता 24,610 रुपए हाेगा. अब, अगर डीए 50 फीसदी तक हो जाता है तो यह रकम बढ़कर 26,750 रुपए हो जाएगी. इसका मतलब है कि कर्मचारी की सैलरी में 26,750 – 24,610 = 2,140 रुपए का इजाफा हो जाएगा.
पेंशनर्स को होगा कितना फायदा?
केंद्र सरकार के पेंशनर्स के लिए लागू महंगाई राहत डीए के समान है. महंगाई राहत में भी जल्द ही 4 फीसदी की बढ़ोतरी होने की संभावना है. डीआर में बढ़ोतरी के साथ, केंद्र सरकार के पेंशनर्स को उनकी मासिक पेंशन में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.
मान लीजिए कि एक केंद्र सरकार के पेंशनर्स को प्रति माह 41,100 रुपए की बेसिक पेंशन मिलती है. 46 फीसदी डीआर पर पेंशनर को 18,906 रुपए मिलते हैं. अगर उनका डीआर 50 फीसदी हो जाता है तो उन्हें महंगाई राहत के रूप में हर महीने 20,550 रुपए मिलेंगे. ऐसे में अगर जल्द ही डीए में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है तो उनकी पेंशन 1,644 रुपए प्रति माह बढ़ जाएगी.