चुनाव से पहले सरकार का 6.5 करोड़ लोगों को तोहफा, ईपीएफ पर…- भारत संपर्क

केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले देश के 6.5 करोड़ लोगों जबरदस्त तोहफा दिया है. इस तोहफे तहत देश में ईपीएफ अकाउंट होल्डर की बचत में जबरदस्त इजाफा होगा. रिटायमेंट फंड बॉडी ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) डिपॉजिट पर ब्याज दर बढ़ाकर 8.25 फीसदी कर दी है. इस फैसले के बाद ब्याज दर तीन साल के हाई पर पहुंच गई है. यह निर्णय शनिवार को ईपीएफओ की संस्था, केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक के दौरान किया गया. अब इस फैसले की फाइल मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास जाएगी. फाइनेंस मिनिस्ट्री से मंजूरी के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा.
The 235th meeting of Central Board of Trustees, EPFO, today has recommended 8.25 per cent as rate of interest on Employees’ Provident Fund deposits for 2023-24.
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The move is a step towards fulfilling PM Shri @narendramodi jis guarantee of strengthening social security for pic.twitter.com/z8OzHrdz1P
— Bhupender Yadav (@byadavbjp) February 10, 2024
लगातार दूसरे साल हुआ इजाफा
यह लगातार दूसरा साल है जब ईपीएफओ की सीबीटी ने ब्याज दरों में इजाफा किया है. मार्च 2023 में ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2022-23 5 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया था. जिसके बाद ईपीएफ की ब्याज दर 8.15 फीसदी हो गई थी. जबकि उससे पहले वित्त वर्ष 2021-22 में यह दर 8.10 फीसदी थी. हालांकि, मार्च 2022 में, ईपीएफओ ने 2021-22 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर को चार दशक के निचले स्तर 8.1 फीसदी तक कम कर दिया था. उससे पहले के वित्त वर्ष यही ब्याज दर 8.5 फीसदी थी.
वित्त मंत्रालय के पास जाएगी फाइल
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 8.25 फीसदी ब्याज दर का फायदा ईपीएफओ के छह करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स को मिलेगा. गौरतलब है कि मार्च 2021 में सीबीटी द्वारा 2020-21 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर 8.5 फीसदी निर्धारित की गई थी. ईपीएफओ के एक सूत्र ने कहा कि ईपीएफओ की संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) ने शनिवार को अपनी बैठक में 2023-24 के लिए ईपीएफ पर 8.25 फीसदी ब्याज दर प्रदान करने का निर्णय लिया है. सीबीटी के फैसले के बाद, आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ईपीएफ जमा पर ब्याज दर को सहमति के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा जाएगा.