ICICI Bank Videocon Loan Fraud: चंदा दीपक कोचर की गिरफ्तारी…- भारत संपर्क


दीपक कोचर और चंदा कोचर (फाइल फोटो : पीटीआई)Image Credit source: PTI
देश में खूब चर्चा बटोरने वाले आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन लोन फ्रॉड मामले में बड़ा अपडेट आया है. मामले की जांच कर रही सीबीआई को इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से कड़ी फटकार पड़ी है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर एवं उनके कारोबारी पति दीपक कोचर की गिरफ्तारी को ‘अवैध’ बताया है.
बॉम्बे हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई और न्यायमूर्ति एन.आर. बोरकर की खंडपीठ ने जनवरी 2023 के ही एक आदेश की पुष्टि की. तब हाईकोर्ट एक अन्य बेंच ने अंतरिम आदेश पारित करके चंदा और दीपक कोचर को उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद जमानत दे दी थी.
क्या है आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन लोन फ्रॉड केस ?
ये मामला वीडियोकॉन ग्रुप को कथित तौर पर गलत तरीके से दिए गए 1,800 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन देने से जुड़ा है. आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी-सीईओ चंदा कोचर पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का फायदा उठाते हुए वीडियोकॉन को ये लोन उपलब्ध कराया. इसके एवज में वीडियोकॉन ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की कारोबार में मदद की, जो रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम करते हैं.
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दिसंबर 2023 में हुई थी कोचर दंपति की गिरफ्तारी
वीडियोकॉन-आईसीआईसीआई बैंक लोन फ्रॉड केस में चंदा और दीपक कोचर को 23 दिसंबर 2022 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया गया था. तब उन्हें अंतरिम आदेश जारी करके रिहा कर दिया गया था. कोचर दंपति की याचिका को न्यायमूर्ति प्रभुदेसाई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को स्वीकार कर लिया. पीठ ने आदेश पारित करते हुए उनकी गिरफ्तारी को ‘अवैध’ घोषित किया.
सीबीआई ने मामले में कोचर दंपति के अलावा वीडियोकॉन समूह के संस्थापक वेणुगोपाल धूत को भी गिरफ्तार किया था. उन्हें भी जनवरी 2023 में हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में जमानत दे दी थी.