सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगारों से 50 लाख की ठगी…- भारत संपर्क


सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर फुटबाल प्रशिक्षक ने 10 से अधिक बेरोजगारों से 50 लाख रुपए की ठगी की है। जब बेरोजगारों को 4 साल बाद भी नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने थाने में इसकी रिपोर्ट लिखाई है।
तखतपुर के ग्राम निगार बंद निवासी दीपक राजपूत नेहरू नगर में किराए का मकान लेकर पुलिस भर्ती के लिए तैयारी कर रहा था। साल 2021-22 में उसकी पहचान तितली चौक रेलवे क्षेत्र निवासी जावेद खान से हुई। खुद को उसने फुटबॉल खिलाड़ी और अमेटी यूनिवर्सिटी का प्रशिक्षक बताया। उसने यह भी बताया कि उसकी मंत्रालय में पहुंच है और वह सरकारी नौकरी लगा सकता है। उसके झांसे में आकर दीपक राजपूत, अनीश राजपूत, प्रताप राजपूत, जगमीत सिंह खालसा, हर्षवर्धन ठाकुर, शिल्पा ठाकुर ,अविनाश साहू, श्याम साहू आदि जावेद के घर गए। जावेद ने बताया कि अब तक वह 15 से 20 लोगों को मंत्रालय में नौकरी लगा चुका है। उसने नौकरी लगाने के लिए पैसों की मांग की। जावेद ने कहा कि आधी रकम नौकरी लगने के पहले और शेष रकम नौकरी लगने के बाद देनी है। इस तरह से दिसंबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच उसने इन बेरोजगारों से 50 लाख रुपये लिए थे ।
अनीश राजपूत से फूड इंस्पेक्टर के पद के लिए 8 लाख, जसमीत सिंह खालसा से ड्राइवर पद के लिए 6.5 लाख, श्यामू कुमार से सहायक ग्रेड 3 के लिए 4.5 लाख, सूरज राजपूत से 5 लाख, शिल्पा ठाकुर से चार लाख, हर्ष ठाकुर से चार लाख समेत उसने करीब 50 लाख रुपए लिए। इन लोगों के अलावा भी उसने सत्यनारायण, लेखराम, अविर्भाव राजपूत, मुस्कान तिवारी और अन्य दर्जनों लोगों को शिकार बनाया। बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके मार्कशीट, जाति, निवास, आधार जैसे दस्तावेज भी जमा कर लिए गए। पुलिस ने बेरोजगारों को झांसा देकर 50 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले जावेद खान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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