एनर्जी सेक्टर का किंग बनेगा भारत, पीएम मोदी ने की मास्टर…- भारत संपर्क


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को तेल एवं गैस कंपनियों के टॉप लेवल के अधिकारियों के साथ बैठक की और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भारत में उपलब्ध अवसरों और इन्वेस्टिगेशन एवं प्रोडक्शन की दिशा में उठाए गए कदमों से अवगत कराया है. प्रधानमंत्री मोदी ने एक्सॉनमोबिल और बीपी से लेकर कतर एनर्जी और टोटल एनर्जीज जैसी दिग्गज ऊर्जा कंपनियों के लगभग 20 टॉप लेवल के अधिकारियों से मुलाकात की और उनके साथ एनर्जी सेक्टर में निवेश करने के अवसरों को लेकर चर्चा की.
भारत ऐसे पूरा कर रहा 85% जरूरतें
इस दौरान प्रधानमंत्री ने भारत में तेल और गैस की खोज एवं उत्पादन में निवेश के लिए वैश्विक दिग्गजों की तलाश के लिए हाल ही में शुरू किए गए इन्वेस्टिगेशन के लिए लाइसेंसिंग प्रदान करने का भी उल्लेख किया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी ने तेल और गैस क्षेत्र में सरकार के स्तर पर किए गए सुधारों के बारे में बात की. इसमें तेल और गैस क्षेत्रों के लिए रेवेन्यू आधारित बोली की जगह इन्वेस्टिगेशन सेंटर्ड बोली को अपनाने का जिक्र भी किया.
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता भारत अपनी 85 प्रतिशत जरूरतें आयात से पूरी करता है, लेकिन सरकार इस आयात को कम करने के लिए इनका घरेलू उत्पादन बढ़ाना चाहती है. बैठक में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि तेल एवं गैस इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोग वहां मौजूद थे. इस दौरान प्रत्येक कंपनी के सीईओ ने पीएम के सामने अपनी बात रखी.
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वेदांता के चेयरमैन ने कही बड़ी बात
वेदांता के चेयरमैन ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर निवेश करने के लिए सबसे अच्छी जगह है. हाल में किए गए सुधारों ने और इसे आकर्षक बनाया है और प्रमुख वैश्विक कंपनियों को भारत में खोज और उत्पादन में निवेश करना चाहिए. मोदी वैश्विक तेल एवं गैस विशेषज्ञों और सीईओ के साथ विचार-मंथन बैठकें आयोजित करने के लिए भारतीय ऊर्जा सप्ताह (आईईडब्ल्यू) के साथ इसके पुराने स्वरूप सेरावीक का भी इस्तेमाल करते रहे हैं. उन्होंने इस तरह की आधा दर्जन से अधिक बैठकें की हैं.