SBI से कर्ज लेकर निवेश कर रहा भारत का कॉरपोरेट सेक्टर,…- भारत संपर्क


भारतीय स्टेट बैंक
भारतीय बाजार में इस समय पर्याप्त मात्रा में डिमांड देखी जा रही है, लेकिन यह डिमांड कर्ज के दम पर पैदा हो रही है. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने कहा है कि कॉरपोरेट क्षेत्र से कर्ज की मांग बढ़ रही है और पांच लाख करोड़ रुपए के लोन अभी प्रोसेस में चल रहे हैं. खारा ने एक मीडिया बातचीत में कहा कि जहां पिछले कुछ वर्षों के दौरान कंपनियों के बही-खाते में पर्याप्त कैश उपलब्ध थी, वहीं अब उन्होंने वर्किंग कैपिटल के लिए भी कर्ज की जरूरत पड़ रही है.
चेयरमैन ने कही ये बात
उन्होंने कहा कि अब हम ऐसे चरण में आ गए हैं, जहां कॉरपोरेट अपनी क्षमता बढ़ाने या वर्किंग कैपिटल की जरूरत को पूरा करने उद्देश्य से बैंकों से संपर्क करना शुरू कर चुके हैं. बेशक, यह मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं. जब हम नहीं लिए गए मियादी लोन प्रतिशत को देखते हैं, तो यह 25 से घटकर 18 प्रतिशत पर आ गया है. उन्होंने कहा कि इसलिए ये सभी बातें इस बात की पुष्टि करती हैं कि निजी क्षेत्र में अवसर मौजूद रहेंगे और एसबीआई इस क्षेत्र के लिए वैल्यू क्रिएशन करने की स्थिति में होगा.
तेजी से होगी तरक्की
एसबीआई चेयरमैन ने कहा कि साथ ही जब हम नए प्रस्तावों की पाइपलाइन को देखते हैं, तो यह काफी अच्छी है. यह लगभग पांच लाख करोड़ रुपए या उससे अधिक है. खुदरा कृषि और एमएसएमई (आरएएम) लोन के संबंध में खारा ने कहा कि उच्च ब्याज दर के बावजूद एसबीआई इस वर्ष भी 16 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर सकता है. बीते वित्त वर्ष में एसबीआई का आरएएम 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 21 लाख करोड़ रुपए रहा है.
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बता दें कि इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने डिपॉजिट किए गए पैसों पर मिलने वाले ब्याज को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जमा पर ब्याज दरें अपने चरम पर हैं और मध्यम अवधि में इनके नीचे आने की उम्मीद है. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही से ब्याज दर चक्र को आसान बनाना शुरू कर सकता है. पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक ने मजबूत आर्थिक वृद्धि के बीच महंगाई पर ध्यान केंद्रित करते हुए लगातार आठवीं बार अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो रेट को यथावत रखा था. यानी कोई बदलाव नहीं किया था.